आमतौर पर हर पैकड फूड और ड्रिंक पर प्राइज लेबल लगा होता है जिस पर उस सामान की अधिकतम कीमत लिखी होती है। उस कीमत से ज्यादा उस सामान को नहीं बेचा जा सकता लेकिन हरियाणा में शराब की बोतलों पर MRP ना लिखे होने की शिकायतें मिली हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रविंदर पाल सिंह घई ने हरियाणा में शराब की बोतलों पर MRP प्रिंट करवाने को लेकिन संबंधित अधिकारियों से जरूरी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर पारदर्शी व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
रविंदर पाल सिंह घई ने बताया कि 1 जुलाई 2026 को शिमला जाते समय उनके एक मित्र ने हाईवे पर स्थित हरियाणा सरकार की अधिकृत शराब की दुकान से 'Smirnoff Minti Jamun' की दो बोतलें खरीदीं। इसके उन्होंने लिए 1,000 रुपये प्रति बोतल का भुगतान किया। इसको खरीदने के बाद उन्हें पता चला कि बोतलों पर MRP अथवा मिनिमम सेल प्राइज नहीं लिखा था।
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उपभोक्ता अधिकारों का हनन
उन्होंने कहा,'जब किसी उत्पाद पर निर्धारित कीमत स्पष्ट रूप से लिखी नहीं होगी, तो आम उपभोक्ता कैसे सुनिश्चित करेगा कि उससे सही कीमत वसूली जा रही है या उससे अधिक राशि ली जा रही है? ऐसी स्थिति में ओवरचार्जिंग, अनुचित व्यापारिक व्यवहार और सरकारी राजस्व से संबंधित संभावित अनियमितताओं की जांच आवश्यक हो जाती है।'
उन्होंने आगे कहा कि जब एक 5 रुपये के बिस्कुट के पैकेट पर भी उपभोक्ता के लिए कीमत स्पष्ट रूप से अंकित होती है, तो शराब जैसे उत्पाद के मामले में उपभोक्ता को उसकी निर्धारित कीमत जानने का अधिकार क्यों नहीं होना चाहिए? उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी कंपनी अथवा शराब विक्रेता को बिना जांच के दोषी ठहराना नहीं है बव्कि उपभोक्ता अधिकार, पारदर्शिता और निर्धारित मूल्य व्यवस्था को सही करने के लिए है।
एक्साइज डिपार्टमेंट ने क्या बताया?
रविंदर पाल सिंह घई ने बताया कि इस मामले को उठाने के बाद हरियाणा के एक्साइज डिपार्टमेंट की ओर से उनसे संपर्क किया गया। इसके अलावा उन्हें सीएम ऑफिस की ओर से भी विश्वास दिलाया गया कि हरियाणा में शराब की बोतलों पर MSP अथवा MRP की व्यवस्था को जल्द लागू की जाएगी। सरकार के इस जवाब पर रविंदर पाल सिंह घई ने कहा कि वह सरकार के इस आश्वासन का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह व्यवस्था जल्द लागू होती है तो इससे प्रदेश के लाखों शराब उपभोक्ताओं को कीमतों में पारदर्शिता मिलेगी तथा निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की संभावनाओं पर भी रोक लगेगी।
सरकार से की ये मांगें
- संबंधित बोतलों की प्रामाणिकता एवं हरियाणा में उनकी अधिकृत बिक्री की जांच की जाए।
- स्पष्ट किया जाए कि वर्तमान में इन बोतलों पर MRP/MSP अंकित क्यों नहीं है।
- जांच की जाए कि संबंधित शराब विक्रेता का 1,000 रुपये प्रति बोतल की कीमत वसूलना निर्धारित नियमों के अनुरूप था या नहीं।
- यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
- शराब की बोतलों पर MRP/MSP या निर्धारित बिक्री मूल्य की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था जल्द लागू की जाए।
- यदि हरियाणा में शराब की बोतलों पर MRP/MSP अंकित न करने के संबंध में कोई विशेष छूट, नियम या प्रावधान लागू है, तो उसकी आधिकारिक अधिसूचना अथवा कानूनी प्रावधान सार्वजनिक किया जाए।
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सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग
रविंदर पाल सिंह घई ने मांग की कि सीएम ऑफिस की ओर से दिए गए आश्वासन के अनुसार MRP/MSP व्यवस्था को जल्द से जल्द लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को केवल उत्पाद खरीदने का अधिकार नहीं, बल्कि यह जानने का भी अधिकार है कि उस उत्पाद की निर्धारित कीमत क्या है।
उन्होंने कहा, 'मेरा सवाल किसी व्यक्ति विशेष या किसी कंपनी के खिलाफ नहीं है। मेरा सवाल व्यवस्था की पारदर्शिता और आम उपभोक्ता के अधिकार को लेकर है। यदि सरकार ने MSP/MRP व्यवस्था लागू करने का भरोसा दिया है, तो अब इसे जल्द से जल्द धरातल पर लागू किया जाना चाहिए।' घई ने हरियाणा सरकार से अपील की कि इस मामले में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की जाए और संबंधित सरकारी दस्तावेज भी सार्वजनिक किए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
