संजय सिंह, पटना। बिहार राजस्व विभाग अब जमीन के रिकॉर्ड को लेकर सख्त हो गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के आवेदन का इंतजार नहीं किया जाएगा। अधिकारी खुद पहल कर रिकॉर्ड की गड़बड़ियों को सुधारेंगे। उन्होंने कहा कि अब सीओ को खुद फील्ड में उतर कर यह काम पूरा करना होगा। 


राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में  सारण, सुपौल और पश्चिम चंपारण जिले के अंचल अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजस्व सचिव ने की। बैठक में रिकॉर्ड में सुधार, मृत किसानों के उत्तराधिकार को पेपर ट्रांसफर, अभियान बसेरा और राजस्व महा-अभियान सहित कई राजस्व कार्यों की समीक्षा की गई।

 

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आवेदन रिजेक्ट करने पर 3 सीओ पर गाज

समीक्षा के दौरान सबसे बड़ा एक्शन सारण जिले में देखने को मिला। राजस्व महा-अभियान के 99 % आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया था। इस कारण सारण जिले के परसा, अमनौर एवं दरियापुर के अंचलाधिकारी को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है। सचिव ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर आवेदन रिजेक्ट करना लापरवाही और मनमानी को दर्शाता है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 


इसके साथ ही पश्चिम चंपारण जिले के ठकराहां एवं नौतन तथा सुपौल जिले के पिपरा एवं बसंतपुर अंचल के अधिकारियों को भी फटकार लगी। कई लंबित मामलों के लिए सचिव ने नाराजगी जताई। साथ ही कार्यप्रणाली में सुधार लाने को भी कहा गया है। 

रिजेक्टेड मामलों की होगी फिर से समीक्षा

सचिव जय सिंह ने कहा कि लैंड रिकॉर्ड में दर्ज गलतियों को दूर करने के लिए किसानों के आवेदन का इंतजार नहीं किया जाएगा। इसकी जगह खुद पहल करते हुए काम को पूरा करना होगा। जिन मामलों को किसी गलती के कारण पहले रिजेक्ट किया गया है, उनकी भी समीक्षा कर सुधार लाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले विशेष अभियान के दौरान सभी गलतियों को सुधारने का काम किया जाएगा। 

मृत किसानों के नामांतरण में तेजी के निर्देश

बैठक में मृत किसानों के उत्तराधिकार नामांतरण के मामलों पर भी चर्चा हुई। सचिव ने कहा कि कई जगहों पर किसानों की मौत के बाद भी जमीन के कागज उन्हीं के नाम पर चल रही है, जिससे विवाद बढ़ रहे हैं। अंचल स्तर से तेजी से पेपर ट्रांसफर का काम करना है। इसके लिए उत्तराधिकारियों से संपर्क कर कागजी कार्रवाई पूरी कराई जाए। 

 

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पटना आने की जरूरत नहीं

बैठक में अभियान बसेरा के तहत पात्र आवेदन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि पात्र भूमिहीन लाभुकों को आवेदन जमा करने के लिए राज्य मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने संबंधित अंचल कार्यालय में ही आवेदन जमा कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि आवेदन के संबंध में सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। किसी व्यक्ति को भ्रमित किए जाने या गलत जानकारी देने का मामला सामने आने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।