अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के गबन के मामले में यूपी पुलिस 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके सभी को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। इस बीच रविवार को पुलिस ने सभी आठ आरोपियों के घर पर एक साथ छापेमारी की कार्रवाई की।
सभी आरोपियों से पुलिस और एसआईटी पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बीच राजनीति बयानबाजियां भी जमकर हो रही हैं। जहां इस मामले पर बीजेपी और योगी सरकार बैकफुट पर है तो वहीं समाजवादी पार्टी सत्तापक्ष पर जमकर निशाना साध रही है। यह मामला जातिगत भी होता जा रहा है।
परमहंस आचार्य ने दिया विवादित बयान
इसी बीच राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने वाले परमहंस आचार्य ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने चंपत रात और अन्य आरोपितों को दरकिनार करते हुए चोरी मामले में टिन्नू यादव को मुख्य सरगना बताया। परमहंस आचार्य ने टिन्नू यादव को फांसी की सजा की मांग की और बाकी के आरोपियों के लिए कहा कि उन्हें 6-6 महीने की सजा हो। उसके बाद उन्हें छोड़ दिया जाए।'
उन्होंने कहा कि टिन्नू यादव इसमें मुख्य अभियुक्त है। परमहंस ने कहा, 'इसकी इतनी बड़ी दबंगई है कि इस अपराधी के नाम के आगे श्री लिखना पड़ रहा है। इसलिए टिन्नू यादव को फांसी की सजा हो।'
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में छापेमारी
रविवार को हुई आठों आरोपियों के घरों पर छापेमारी की स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई। पुलिस दलों ने लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला और रामाशंकर यादव समेत सभी आरोपियों के घरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी मनीष यादव के घर से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए। इसके लिए पुलिस ने उसके परिजनों से बंद मकान खुलवाया। अन्य आरोपियों के घरों की भी तलाशी ली गई, जहां परिजनों से पूछताछ की गई और दस्तावेजों की जांच की गई।


