नई दिल्ली/शिमला, 11 अगस्त 2026: ब्रिटिश काल में बना पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरो गेज रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज में बदलने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है। इसके DPR को स्वीकृति मिल गई है। बीजेपी सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरो गेज रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज में परिवर्तित करने का मुद्दा लोकसभा में उठाया।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस रेलखंड के गेज परिवर्तन को लेकर यातायात अध्ययन, सर्वेक्षण, निजी या पेशेवर एजेंसी को दिए गए कार्य और परियोजना की आगामी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी मांगी है।
भारद्वाज ने लिखित में मांगा जवाब
राजीव भारद्वाज के लिखित में मांगे गए प्रश्न संख्या 612 के जवाब में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मौजूदा पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरो गेज खंड लगभग 200 किलोमीटर लंबा है और इसके गेज परिवर्तन के सर्वेक्षण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
यह भी पढ़ें: सवा लाख कर्मियों को पक्की नौकरी दिलाने का वादा, सड़क पर सरकार घेरेगी कांग्रेस
पेशेवर एजेंसी को नियुक्त किया गया
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए एक पेशेवर एजेंसी को नियुक्त किया गया है। क्षेत्रीय सर्वेक्षण और यातायात अध्ययन पूरे किए जा चुके हैं तथा अब DPR तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलखंड के गेज परिवर्तन की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
इन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण रेल संपर्क
सांसद राजीव भारद्वाज ने कहा कि पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलवे लाइन हिमाचल प्रदेश, विशेषकर कांगड़ा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रेल संपर्क है। इस रेलखंड के आधुनिकीकरण से भविष्य में क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की संभावनाओं को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि DPR की प्रक्रिया शुरू होना इस लंबे समय से उठ रही मांग को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मजबूत रेल नेटवर्क प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बेहतर रेल संपर्क से स्थानीय लोगों की आवाजाही सुगम होने के साथ पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने उत्तर में यह भी स्पष्ट किया कि DPR तैयार होने के बाद परियोजना को विभिन्न हितधारकों, जिनमें संबंधित राज्य सरकारें भी शामिल हैं, के साथ परामर्श तथा नीति आयोग और वित्त मंत्रालय जैसे संबंधित स्तरों से आवश्यक अनुमोदन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। हितधारकों के साथ परामर्श निरंतर और गतिशील प्रक्रिया होने के कारण फिलहाल परियोजना के लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में मॉनसून का कहर, 157 लोगों की मौत, लैंडस्लाइड से 260 सड़कें बंद
राजीव भारद्वाज ने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश से जुड़े रेल विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी के विषयों को लगातार केंद्र सरकार के समक्ष उठाते रहेंगे। उन्होंने पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलखंड के गेज परिवर्तन की DPR प्रक्रिया को स्वीकृति देने और सर्वेक्षण को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।
