उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट ने 330 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे और करीब 130 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इन दोनों परियोजनाओं के बनने के बाद प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र समेत कई जिलों के लोगों का सफर आसान होगा। साथ ही, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड तक सड़क कनेक्टिविटी भी बेहतर हो जाएगी।

 

इन एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। प्रयागराज से सोनभद्र पहुंचने में जहां अभी करीब 6 घंटे 30 मिनट लगते हैं, वहीं एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर करीब 3 घंटे 15 मिनट में पूरा हो सकेगा। आइए जानते हैं इस परियोजना से जुड़ी जरूरी बातें।

 

यह भी पढ़ें: ट्रेनी IPS ने की थी यौन उत्पीड़न, मारपीट की शिकायत, आरोपी ने की सुसाइड की कोशिश

क्या है विंध्य एक्सप्रेसवे?

विंध्य एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। इसकी लंबाई करीब 333 किलोमीटर होगी। यह प्रयागराज की सोनवार तहसील से शुरू होकर मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी और चंदौली होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करना और लोगों को तेज सड़क सुविधा देना है।

कितनी होगी लागत और कौन करेगा निर्माण?

एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 18,514 करोड़ रुपये खर्च होंगे जबकि 4,613 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे। इस तरह परियोजना कुल अनुमानित लागत 26,315 करोड़ रुपये होगी। इसे अलावा इस प्रोजेक्ट को 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की देखरेख में होगा। यही एजेंसी पूरे प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी होगी।

 

सरकार ने विंध्य एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे के प्रयागराज वाले छोर से जोड़ने का फैसला लिया है यानी गंगा एक्सप्रेसवे से यात्रा करने वाले लोग सीधे विंध्य एक्सप्रेसवे के जरिए सोनभद्र तक पहुंच सकेंगे। इससे लंबी दूरी की यात्रा और आसान हो जाएगी।

यात्रा में कितना समय बचेगा?

इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद प्रयागराज से सोनभद्र का सफर करीब 6 घंटे 30 मिनट से घटकर 3 घंटे 15 मिनट रह जाएगा। वहीं दिल्ली से सोनभद्र की यात्रा भी करीब 8 से 9 घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और व्यापार से जुड़े लोगों को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे भी बनेगा

सरकार ने विंध्य एक्सप्रेसवे के साथ विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है। इसकी लंबाई करीब 130 किलोमीटर होगी। यह लिंक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के चंदौली-गाजीपुर छोर को विंध्य एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इसके बनने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और विंध्य एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ जाएंगे जिससे पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

किन राज्यों और जिलों को होगा फायदा?

इस प्रोजेक्ट से प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड तक सड़क संपर्क बेहतर होगा। मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, शहडोल और सीधी जैसे जिलों के लोगों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

 

यह भी पढ़ें: असम में बाढ़ से हालात गंभीर, 57 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

 

विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज के संगम, विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी धाम और काशी विश्वनाथ धाम को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने का काम करेगा। इससे श्रद्धालुओं का सफर आसान होगा और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

यूपी बनेगा 8 एक्सप्रेसवे वाला राज्य

इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का नेटवर्क और मजबूत हो जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे सड़क परिवहन, व्यापार, पर्यटन, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य में कुल 8 एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार हो जाएगा।