राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को तीन दिवसीय हिमाचल प्रदेश दौरे पर पहुंचीं। बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के हेलीपैड पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर बिलासपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता समेत प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे।
राष्ट्रपति का हिमाचल दौरा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दौरे का पहला प्रमुख कार्यक्रम एम्स बिलासपुर का प्रथम दीक्षांत समारोह है। राष्ट्रपति समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करेंगी। एम्स की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार संस्थान का पहला दीक्षांत समारोह 6 अक्तूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आयोजित किया जा रहा है।
92 प्रशिक्षुओं को मिलेंगी डिग्रियां
एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में कुल 92 प्रशिक्षुओं को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इनमें वर्ष 2020 बैच के 43 एमबीबीएस विद्यार्थी, वर्ष 2023 बैच के 14 एमडी-एमएस चिकित्सक, वर्ष 2022 बैच के 26 नर्सिंग विद्यार्थी और नौ पैरामेडिकल विद्यार्थी शामिल हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच प्रशिक्षुओं को स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया जाएगा।
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राष्ट्रपति के कार्यक्रम के अनुसार वह सुबह करीब 10:35 बजे एम्स परिसर पहुंचीं और इसके बाद प्रथम दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। समारोह के बाद राष्ट्रपति एम्स हेलीपैड से मनाली के लिए रवाना होंगी।
बिलासपुर से मनाली की ओर रवाना होंगी राष्ट्रपति
एम्स के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अगला पड़ाव मनाली है। उनके रात्रि ठहराव की व्यवस्था मनाली में की गई है। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए बिलासपुर से लेकर मनाली तक सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है। प्रमुख मार्गों, हेलीपैड, कार्यक्रम स्थलों और राष्ट्रपति के संभावित रूट पर पुलिस एवं सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
राष्ट्रपति के हिमाचल प्रवास का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण 7 अक्तूबर का कार्यक्रम होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लाहौल-स्पीति जिले में स्थित अटल टनल रोहतांग का दौरा करेंगी। राष्ट्रपति भवन और पीआईबी की ओर से जारी कार्यक्रम में अटल टनल का दौरा निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही मनाली स्थित प्रसिद्ध हिडिंबा मंदिर में दर्शन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए मनाली, सोलंग और अटल टनल क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है।
अटल टनल रूट पर यातायात व्यवस्था बदली
राष्ट्रपति के दौरे के कारण अटल टनल और मनाली क्षेत्र में आम वाहनों की आवाजाही प्रभावित होगी। प्रशासन ने राष्ट्रपति के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। रिपोर्टों के अनुसार 6 अक्तूबर शाम से 7 अक्तूबर दोपहर तक अटल टनल की ओर यातायात पर प्रतिबंध और नियंत्रण रहेगा। 7 अक्तूबर को पलचान से अटल टनल तक भी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इससे पर्यटन सीजन में मनाली, सोलंग घाटी और अटल टनल की ओर जाने वाले पर्यटकों को भी अपने यात्रा कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित यातायात व्यवस्था और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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बिलासपुर में सुरक्षा का कड़ा पहरा
राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए एम्स परिसर और उनके आवागमन वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। एम्स और आसपास करीब 250 पुलिस एवं होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। घागस और जबली समेत प्रमुख स्थानों पर भी यातायात व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। राष्ट्रपति के काफिले की आवाजाही के दौरान आवश्यकता के अनुसार यातायात को कुछ समय के लिए रोका या डायवर्ट किया जा सकता है। प्रशासन का फोकस राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के साथ आम लोगों की आवाजाही को भी व्यवस्थित बनाए रखने पर है।
8 अक्तूबर को दिल्ली लौटेंगी राष्ट्रपति
हिमाचल के तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन 8 अक्तूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली के लिए रवाना होंगी। इस दौरे में बिलासपुर में चिकित्सा शिक्षा के नए अध्याय से लेकर मनाली और अटल टनल तक हिमाचल के स्वास्थ्य, पर्यटन, संस्कृति और सामरिक महत्व वाले क्षेत्रों की झलक देखने को मिलेगी।
राष्ट्रपति का यह दौरा एम्स बिलासपुर के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि संस्थान के प्रथम दीक्षांत समारोह में देश की राष्ट्रपति स्वयं मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रही हैं। वहीं, अटल टनल का दौरा हिमाचल के सीमांत और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र के प्रति राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान को भी रेखांकित करता है।
