बिहार के खगड़िया के पथ निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजय कुमार के ठिकानों पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVC)  ने छापेमारी की थी। नालंदा स्थित पैतृक घर, पटना और खगड़िया में सरकारी आवास पर एक साथ तलाशी ली गई। इस दौरान करीब 18.5 लाख रुपये का सोना-चांदी और 81 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। स्पेशल विजिलेंस यूनिट के सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने तक तीनों स्थानों पर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। टीम ने घर के सदस्यों और वहां मौजूद कर्मचारियों से बारीकी से पूछताछ की थी। संपत्ति से जुड़े कागजात भी खंगाले गए।

 

नालंदा स्थित पैतृक आवास पर छापेमारी के दौरान पूरे घर को घेर लिया गया था। जांच पूरी होने तक किसी को अंदर-बाहर जाने की इजाजत नहीं थी। टीम ने घर में मौजूद परिजन और स्टाफ से आय और संपत्ति को लेकर सवाल किए। काम से आई एक महिला को भी अधिकारियों ने गेट से ही वापस लौटा दिया। परिजन का कहना है कि छापेमारी के समय एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ड्यूटी के कारण खगड़िया में थे।

 

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300 ग्राम सोना और 250 ग्राम चांदी बरामद

तलाशी के दौरान मिले जेवरात की कीमत आंकने के लिए विजिलेंस ने शहर के श्री ज्वेलर्स के प्रतिनिधि अरुण कुमार को मौके पर बुलाया। अरुण ने बताया कि घर से करीब 300 से 350 ग्राम सोना और लगभग 250 ग्राम चांदी बरामद हुई है। मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से सोने की कीमत 18 से 18.5 लाख रुपये और चांदी की कीमत करीब 68 हजार रुपये आंकी गई है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि बरामद आभूषणों और अन्य संपत्तियों की अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।

 

विजिलेंस टीम ने जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों को भी बारीकी से देखा। अधिकारियों का मुख्य मकसद यह पता लगाना है कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और उनके परिवार के पास जो संपत्ति है, वह उनकी घोषित आय के हिसाब से है या नहीं।

 

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तीन शहरों में एक साथ छापेमारी

विजिलेंस टीम ने सिर्फ नालंदा में ही कार्रवाई नहीं की थी। संजय कुमार की वर्तमान पोस्टिंग खगड़िया में है। वहां उनके सरकारी आवास पर भी टीम पहुंची। यहां से 81 हजार रुपये नकद मिले हैं। वहीं पटना स्थित ठिकाने पर भी छापा मारा गया। तीनों जगहों से मिले कागजातों और संपत्तियों का अब आपस में मिलान किया जा रहा है। टीम यह तय करेगी कि अधिकारी और उनकी पत्नी के नाम कुल कितनी संपत्ति है और वह आय से कितनी ज्यादा है।

 

छापेमारी के बाद संजय के छोटे भाई इंद्रदेव कुमार ने सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े भाई पर लगे आय से अधिक संपत्ति के आरोप निराधार हैं। वे अभी ड्यूटी के सिलसिले में खगड़िया में हैं। पैतृक आवास पर नहीं थे। इंद्रदेव ने कहा कि परिवार जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और सच सामने आने पर सब साफ हो जाएगा।

 

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अधिकारी ने क्या कहा?

विजिलेंस के एक अधिकारी ने बताया कि अभी बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन चल रहा है। इसके बाद एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की पिछले साल की आय, बैंक ट्रांजेक्शन और संपत्ति का चार्ट बनाया जाएगा। अगर आय से अधिक संपत्ति साबित होती है तो उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज होगा।