बिहार में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि 9 जून को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर और 17 जून को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही संकेत दिया गया है कि आगे चलकर गिरफ्तारी अभियान भी चलाया जा सकता है।
RJD प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने प्रेस वार्ता में कहा कि बिहार की जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है लेकिन सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में 72 हजार करोड़ रुपये का हिसाब सरकार ने नहीं दिया है लेकिन इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है।
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उन्होंने कहा कि यह जनता का पैसा है और सरकार को बताना चाहिए कि यह राशि कहां खर्च हुई। उनके अनुसार, वित्तीय गड़बड़ी के कारण गरीबों की स्थिति और खराब हुई है और विकास का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच रहा है।
आम लोगों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
RJD नेताओं ने कहा कि बिहार में पेट्रोल-डीजल पर ज्यादा वैट और सरचार्ज लगाया जा रहा है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और महंगाई पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भी पार्टी ने सरकार को घेरा। उन्होंने भूमिहीन और बेघर परिवारों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की और पूछा कि कितने लोगों को जमीन और पर्चा मिलने के बाद भी कब्जा मिल पाया है।
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RJD नेताओं ने कहा कि राज्य में 'अघोषित आपातकाल जैसे हालात' हैं और विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी ने साफ कहा कि यह आंदोलन जनता के मुद्दों पर आधारित होगा और इसे व्यापक समर्थन मिलेगा।
