बिहार में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के तीनों विधायकों और प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है, जो सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे राम पुकार सिन्हा अब चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने अपना नाम वापस लेने का फैसला किया है। राम पुकार अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के जनता दल यूनाइटेड (JDU) उम्मीदवार आनंद पुष्कर का समर्थन करेंगे। आरएलएम के विधायकों ने इसे एनडीए का फैसला बताया है। इस फैसले के बाद सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गया है। एनडीए ने एकजुटता का संदेश दिया है। इस फैसले से जेडीयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर की स्थिति मजबूत हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरएलएम के प्रदेश अध्यक्ष के आवास पर बैठक हुई। इस बैठक में आरएलएम के तीनों विधायक मौजूद थे। साथ ही निर्दलीय उम्मीदवार भी मौजूद थे। बैठक में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर लंबी चर्चा हुई। चर्चा के बाद तय हुआ कि एनडीए की एकजुटता के लिए राम पुकार को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। एनडीए ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू के आनंद पुष्कर को उम्मीदवार बनाया है। एनडीए का धर्म है कि सभी दल एक साथ मिलकर एनडीए उम्मीदवार को जिताएं। इसी कारण सिन्हा ने चुनाव से हटने का फैसला किया है। वे अब आनंद पुष्कर का समर्थन करेंगे और उनके लिए प्रचार भी करेंगे।
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JDU उम्मीदवार आनंद पुष्कर का करेंगे समर्थन
आरएलएम के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ने कहा कि यह फैसला एनडीए के हित में लिया गया है। एनडीए एक परिवार है। परिवार में सभी को मिलकर चलना होता है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए के उम्मीदवार आनंद पुष्कर हैं। इसलिए सभी एनडीए दलों का कर्तव्य है कि वे उनका समर्थन करें। सिन्हा ने भी इसी भावना के साथ चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि राम पुकार शिक्षक समाज के बड़े नेता हैं। उनका अपना जनाधार है। उनके समर्थन से आनंद पुष्कर की जीत सुनिश्चित हो गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव पार्टी का चुनाव नहीं होता, लेकिन एनडीए ने तय किया है कि सभी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में एनडीए समर्थित उम्मीदवार को जिताना है।
आरएलएम के विधायकों ने कहा कि यह फैसला एनडीए के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए के सभी बड़े नेताओं ने कहा है कि एनडीए एकजुट होकर चुनाव लड़े। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए के उम्मीदवार को जिताने के लिए सभी को एक साथ काम करना है। इसी कारण यह फैसला लिया गया है। विधायकों ने कहा कि राम पुकार ने बड़ा दिल दिखाया है। उन्होंने एनडीए के हित में अपना नाम वापस लिया है। इसके लिए पार्टी उनकी आभारी है। इधर, राम पुकार सिन्हा ने कहा कि वे आरएलएम के कार्यकर्ता हैं और एनडीए के सिपाही हैं। एनडीए ने जो फैसला लिया है, वह उन्हें मंजूर है। वे चुनाव नहीं लड़ेंगे और आनंद पुष्कर का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हित में काम करना उनका उद्देश्य है। शिक्षकों की समस्याओं को लेकर वे हमेशा आवाज उठाते रहे हैं। अब आनंद पुष्कर के साथ मिलकर शिक्षकों की समस्याओं को दूर करेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से भी अपील की है कि वे आनंद पुष्कर को वोट दें और उन्हें जिताएं।
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बता दें कि सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पहले त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा था। जेडीयू के आनंद पुष्कर, निर्दलीय राम पुकार सिन्हा और महागठबंधन के उम्मीदवार के बीच मुकाबला था लेकिन अब राम पुकार सिन्हा के हटने से मुकाबला सीधा हो गया है। जेडीयू और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर होगी। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि राम पुकार सिन्हा के हटने से जेडीयूको बड़ा फायदा होगा। उनके वोट अब सीधे आनंद पुष्कर को मिलेंगे।
