उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बारिश थमते ही राजधानी में एक दूसरी बड़ी मुसीबत सामने आ गई है। शहर के कई इलाकों में नलों से साफ पानी के बजाय गंदा, बदबूदार और मटमैला पानी आने से करीब 50 से 60 हजार शहरवासी परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायतें लगातार की जा रही हैं, लेकिन जलकल विभाग की ओर से कई मामलों में मौके पर समस्या दूर किए बिना ही शिकायत का निस्तारण कर दिया जा रहा है। नतीजा यह है कि नाली के बीच से गुजर रही जर्जर पेयजल पाइपलाइनें लोगों के घरों तक गंदा पानी पहुंचा रही हैं।

 

सबसे गंभीर बात यह है कि यह समस्या एक-दो दिन की नहीं है। आलमबाग, न्यू गणेशगंज, इंदिरानगर, आलमनगर, इंदिरा नगर समेत कई इलाकों में लोग कई सप्ताह और महीनों से दूषित पानी की शिकायत कर रहे हैं। कहीं 10 मिनट तक नाली जैसा बदबूदार पानी आता है तो कहीं महीनों से मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है। लोगों का कहना है कि पीने के लिए उन्हें बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है, जबकि नहाने और घरेलू काम में भी इसी गंदे पानी के इस्तेमाल से त्वचा संबंधी परेशानी सामने आ रही है।

नाली के बीच से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन

अखबार की पड़ताल में सामने आया कि कई जगह पेयजल की पाइपलाइन नालियों के बीच से होकर गुजर रही है। पाइपलाइन जर्जर होने और आसपास गंदगी के कारण दूषित पानी के पेयजल लाइन में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। यही पानी आगे घरों के नलों तक पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद समस्या और बढ़ गई है। पानी में तेज बदबू के साथ मिट्टी और गंदगी दिखाई दे रही है। कई परिवार मजबूरी में पानी छानकर या दूसरे स्रोतों से पानी लाकर इस्तेमाल कर रहे हैं।

 

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महीनों से मिल रहा गंदा पानी

आलमबाग  ओमनगर कोरियाना निवासी विजय कुमार यादव के मुताबिक, कई दिनों बाद जलापूर्ति शुरू हुई तो करीब 10 मिनट तक नाली जैसा बदबूदार पानी आया।न्यू गणेशगंज  निवासी आशुतोष ने बताया कि करीब एक महीने से बदबूदार पानी आ रहा है। शिकायत दर्ज कराने पर काम पूरा हुए बिना ही निस्तारण का संदेश आ जाता है। उनका कहना है कि दूषित पानी के सेवन से लोग बीमार पड़ रहे हैं। इंदिरा नगर सेक्टर-5, निवासी हर्षित भाटिया के मुताबिक, पिछले दो-तीन महीनों से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। अधिकारियों की ओर से पाइपलाइन बदलने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन धरातल पर कार्रवाई नहीं हुई।

चार महीने से शिकायत,  कागजों में निस्तारण

आलमनगर  निवासी आशीष कुमार शुक्ला ने बताया कि वह चार महीने से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हर बार कागजी निस्तारण कर दिया जाता है। एक बार पहुंचे अधिकारियों ने कथित तौर पर साफ कह दिया कि पानी ऐसे ही आएगा। उनके मुताबिक करीब 100 घर प्रभावित हैं और गंदे पानी से नहाने पर त्वचा में खुजली की समस्या हो रही है। इंदिरा नगर निवासी विकास त्यागी ने बताया कि पांच-छह महीने से गंदा पानी आ रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि इलाके के 50 से अधिक घरों में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।

कई और इलाकों में हाहाकार

गंदे पानी की शिकायत गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार, आलमबाग, विकासनगर, राजाजीपुरम, जानकीपुरम, हसनगंज, इंदिरानगर और न्यू हैदराबाद समेत कई इलाकों से सामने आई है। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद कर्मचारी या अधिकारी आते हैं, लेकिन स्थायी समाधान के बजाय खानापूर्ति कर लौट जाते हैं।

डॉक्टर ने बताया गंभीर बीमारियों का खतरा

केजीएमयू में गैस्ट्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुमित रांगटा के अनुसार दूषित या गंदा पानी पीने से हैजा, टाइफाइड, डायरिया और हेपेटाइटिस-ए जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। बारिश के दौरान और उसके बाद ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने सलाह दी कि यदि आरओ फिल्टर उपलब्ध नहीं है तो पानी को अच्छी तरह उबालकर और छानकर ही इस्तेमाल किया जाए।

शिकायत मिलने पर कराई जाती है जांच

जलकल विभाग की ओर से कहा गया है कि शिकायत मिलने पर पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जाती है। यदि किसी इलाके में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत सही पाई जाती है तो टीम भेजकर जांच की जाती है। पाइपलाइन बदलने की जरूरत होने पर नई लाइन बिछाने की बात भी विभाग ने कही है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब शिकायतें महीनों से हो रही हैं तो समस्या का स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं हुआ? लोगों का आरोप है कि कागजों पर शिकायत बंद करने के बजाय जर्जर पाइपलाइन और दूषित जलापूर्ति की मूल समस्या दूर करने की जरूरत है।

 

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बारिश के बाद बढ़ी चिंता

खास बात यह है कि हाल ही में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ को बेहतर स्थान मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शहर के कई मोहल्लों में नलों से बदबूदार पानी पहुंचना विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि पहले भी दूषित जलापूर्ति से मौतों के बाद जिम्मेदार सबक लेने की बात कही गई थी, लेकिन जर्जर पाइपलाइनें आज भी नालियों के बीच से गुजर रही हैं। गंदे पानी की शिकायत के लिए दिए गए नंबर: 8177054100, 8177054010, 8177054003 हैं।