समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता आजम खान आज जेल से रिहा हुए लेकिन जेल से बाहर कदम रखते ही उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। हजारों समर्थकों, मीडिया और पुलिसकर्मियों की भीड़ के बीच ED के अधिकारी जेल के गेट से आजम खान को अपने साथ गिरफ्तार कर ले गए। पिता की गिरफ्तारी पर जेल से बाहर आने के बाद अब्दुल्ला आजम भड़क गए। उन्होंने अपनी सजा और परिवार के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पिछले आठ सालों में जो उनके साथ हुआ है ऐसा किसी के साथ नहीं हुआ है।
बता दें कि दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत मिलने बाद आजम खान को रामपुर जेल से रिहा किया गया था। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को भी कोर्ट ने जमानत दी थी और दोनों एक साथ जेल से बाहर आए थे लेकिन आजम खान को अब ED ने गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने यह गिरफ्तारी मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की है।
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क्या बोले अब्दुल्ला आजम?
जेल से रिहा होने के बाद अब्दुल्ला आजम ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनके साथ यह सब उनके नाम की वजह से हुआ। उन्होंने कहा, 'हमारे नाम अब्दुल्ला और आजम खान न होते तो शायद ऐसा नहीं होता। हमें पिछले आठ साल से परेशान किया जा रहा है। हमारे साथ जो हुआ है ऐसा शायद ही किसी के साथ हुआ हो।'
उन्होंने कहा कि आजम खान को टीवी चोरी, फ्रिज चोरी की 10 साल की सजा हुई और वह भी उस जगह जहां कभी मकान तक नहीं था। उन्होंने कहा कि तमाम दस्तावेद होने के बावजूद वह पिछले 8 सालों से इस बात की सजा काट रहे हैं कि उन्होंने गलत जन्म तिथि ठीक क्यों करवाई। उन्होंने कहा कि अगर मेरा नाम अब्दुल्ला नहीं होता तो वह बेगुनाह साबित हो जाते।
खुद को बताया जानवर
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अब्दुल्ला आजम ने कहा कि हम इंसान नहीं है हम जानवर हैं। उन्होंने कहा, 'हम जानवर हैं कि इतनी बेइज्जती के बाद भी जिंदा हैं।' उन्होंने अपने पिता के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि ये इतने सारे लोग बेवजह इकट्ठा नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अगर आजम खान यूनिवर्सिटी बनाने का सपना नहीं देखते तो उन्हें यह सजा नहीं मिलती।
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आजम खान ने क्या कहा?
रामपुर जिला जेल के बाहर मीडिया से बातचीत पर आजम खान ने कहा, 'कहने को क्या है, क्या कहने को रहा है? मुसलमान होने की सजा है। गलती यह है कि यूनिवर्सिटी बनाई। एक मुसलमान ने बच्चों के स्कूल बनाए ह ही गुनाह है।'
