उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में स्कूल जाने के लिए पक्की सड़क की मांग को लेकर स्कूली बच्चों का प्रदर्शन अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है। खराब और कीचड़ भरे रास्ते से परेशान बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर डीएम के ऑफिस की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने सभी को कलेक्ट्रेट के गेट पर ही रोक दिया। इस पर बच्चे दौड़कर अंदर जाने लगे, तो पुलिस ने उनको पकड़कर गेट से बाहर कर दिया। 

 

यह मामला कुरारा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चंदुपुर का है। इस पंचायत से जु़ड़ने वाले आधा दर्जन डेरों की सड़क की दुर्दशा से स्कूली बच्चे लगातार परेशान हो रहे थे। इसी के चलते बच्चों ने यह विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि 300 बच्चों के साथ उनके 100 पेरेंट्स भी विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए।

 

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पैदल मार्च किया

डीएम ऑफिस से चंदूपुर ग्राम पंचायत करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर है। इसमें करीब 2 किलोमीटर सड़क पक्की और 4 किलोमीटर पंचायत की सड़क कच्ची है। इसी 4 किलोमीटर की सड़क के कारण बच्चों को रोज परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के दिनों में रास्ता और ज्यादा मुश्किल हो जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन

बताया जा रहा है कि बच्चों ने अपनी मांगो को लेकर पहले भी प्रदर्शन किया था लेकिन प्रशासन ने बच्चों की मांग नहीं मानी। अब अपनी समस्या को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे। बच्चे हाथ में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट के ऑफिस पहुंच गए। इतनी संख्या में बच्चों को देखकर प्रशासन चौंक गया। सूचना मिलते ही एसडीएम सदर अभिषेक कुमार और सीओ यशपाल सिंह फोर्स के साथ बच्चों को रोकने के लिए पहुंचे लेकिन बच्चों ने उनकी एक ना सुनी और डीएम ऑफिस के गेट तक पहुंच हए। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोको तो छात्र वहीं पर धरने पर बैठ गए। 

 

पुलिस ने क्या बताया?

इस पूरे मामले को लेकर अब पुलिस का बयान भी सामने आया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, 'आज जनपद हमीरपुर के गांव चन्दुपुर के मजरा, डेरा गंगवाडेरा के ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं ने सड़क बनाने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन दिया। प्रशासन द्वारा वार्ता कर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिए जाने के उपरांत सभी शांतिपूर्वक वापस चले गए। शांति एवं कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत कलेक्ट्रेट परिसर में पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया। वर्तमान में स्थिति शांतिपूर्ण एवं कानून-व्यवस्था सामान्य है।'

 

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डीएम ने क्या कहा?

इस मामले के बाद डीएम ने भी जवाब दिया है। डीएम ने एक वीडियो जारी कर कहा कि यह सड़क बनाने का प्लान पहले ही प्रशासन कर रहा है। उन्होंने कहा, 'वन विभाग से NOC मिलने के बाद, PWD ने 1.81 करोड़ रुपये की कार्य योजना बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेज दी है। इसकी अनुमति मिलते ही टेंडर निकालकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ​तब तक ग्रामीणों और छात्रों के आवागमन को सुलभ बनाने के लिए प्रशासन ने मार्ग पर मिट्टी और बजरी डलवाकर इसे चलने योग्य बना दिया है।'