उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र में बाढ़ राहत कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा पर ग्रामीणों की ओर से हमला किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान एसडीएम अचानक गांव की अन्नपूर्णा राशन दुकान की जांच करने पहुंच गए। इसी दौरान प्रधान पुत्र से विवाद हो गया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए और पथराव में एसडीएम घायल हो गए।


मामला शाहाबाद तहसील क्षेत्र के परियल गांव का है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम सुशील मिश्रा क्षेत्र में बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्हें राशन वितरण में अनियमितताओं की शिकायत मिली, जिसके बाद वह गांव की अन्नपूर्णा राशन दुकान की जांच करने पहुंच गए।

 

जांच के दौरान प्रधान पुत्र से हुई कहासुनी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जांच के दौरान गांव के प्रधान पुत्र उदय राजपूत से एसडीएम की कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर एसडीएम ने उदय राजपूत को मौके पर ही बैठा लिया। इसकी जानकारी मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।

 

यह भी पढ़ें: 'खेती नहीं तो जमीन नहीं,' भानवी सिंह ने कैसे गंवाई नैनीताल में 15 करोड़ की जमीन?

ग्रामीणों ने छुड़ाया, महिलाओं ने किया घेराव

बताया जा रहा है कि कुछ ग्रामीणों ने उदय राजपूत को प्रशासनिक टीम के कब्जे से छुड़ा लिया। इसके बाद माहौल और गर्म हो गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौके पर पहुंच गईं और उन्होंने प्रशासनिक टीम का घेराव शुरू कर दिया।स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अधिकारियों को मौके से निकलना मुश्किल पड़ गया। इसी बीच भीड़ उग्र हो गई और पथराव शुरू हो गया।

 

पथराव के दौरान एक पत्थर एसडीएम सुशील मिश्रा के सिर में जा लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी सरकारी गाड़ी भी हमले में क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।डॉक्टरों ने उनके सिर में टांके लगाए हैं। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

 

यह भी पढ़ें: नाम छिपाया, रिश्ते बनाए, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल किया, यूपी में लव जिहाद कांड

बीजेपी नेता का बेटा है उदय राजपूत

घटना के बाद गांव की राजनीति भी चर्चा में आ गई है। उदय राजपूत के पिता लालाराम राजपूत क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य हैं और वर्तमान में बीजेपी से जुड़े हुए बताए जाते हैं। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक किसी राजनीतिक पहलू पर टिप्पणी नहीं की है। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौके पर सक्रिय हो गए। गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की पहचान कर रही है।

 

प्रशासन का कहना है कि सरकारी अधिकारी पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पथराव और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हरदोई की यह घटना अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। बाढ़ राहत कार्यों के निरीक्षण से शुरू हुआ मामला अन्नपूर्णा राशन दुकान की जांच तक पहुंचा और फिर देखते ही देखते प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बड़ा टकराव बन गया।