उत्तर प्रदेश के वाराणसी के चौबेपुर थाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में महिला उपनिरीक्षक (SI) फरियाद लेकर थाने पहुंची महिला को थप्पड़ मारती हुई नजर आ रही हैं। पीड़ित महिला अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि शिकायत सुनने के दौरान किसी बात पर महिला दरोगा नाराज हो गईं। थाने के अंदर ही महिला पर लगातार थप्पड़ बरसाने लगीं।  

 

इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, गुरुवार को इस घटना का वीडियो भी सामने आ गया। वीडियो वायरल होने के बाद चौबेपुर थाना की दरोगा रोशनी सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में एसीपी ने जांच के आदेश दिए हैं और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।

 

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जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर पहुंची थी महिला  

मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित दलित महिला गीता देवी वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के परानापुर गांव की रहने वाली है। उनके परिवार को कुछ सालों पहले  पट्‌टे में ग्राम समाज से आबादी की जमीन मिली थी, उसी पर एक हिस्से में उनका परिवार रह रहा था। गीता देवी का आरोप है कि पूनम देवी और कुछ अन्य पट्‌टीदार लोग उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। इसी मामले में 15 जून 2026 को महिला ने चौबेपुर थाने में लिखित शिकायत की थी। 

16 जुलाई को दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। वहां किसी बात पर महिला दरोगा नाराज हो गईं और पीड़िता पर थप्पड़ बरसाना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि पहले महिला दारोगा ने सबके सामने फिर बाद में कमरे में बंद कर कर उसे बुरी तरीके से पीटा। घटना के समय वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

 

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पुलिस कर रही है मामले की जांच 

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल है। उच्च अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। पुलिस की ओर से फिलहाल घटना को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सोशल मीडिया पर उठे रहे हैं सवाल

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली और व्यवहार पर सवाल उठने लगे हैं। एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, '8 सेकेंड में 5 थप्पड़... ये कौन-सी ट्रेनिंग का हिस्सा है? अगर ऐसे ही फैसले होने हैं तो अदालतों की क्या जरूरत?', एक दूसरे यूजर ने लिखा, 'अजीब काम हो रहा है। पुलिस के पास जाओ तो मारते हैं।'