हिमाचल प्रदेश के मनाली से पंजाब के अमृतसर जा रही पर्यटकों से भरी वॉल्वो बस हादसे का शिकार हो गई। यह बस सोमवार को पंजाब के नवांशहर जिले के मजारी गांव के पास बंगा हाईवे पर फ्लाईओवर से अनियंत्रित होकर नीचे स्लिप रोड पर जा गिरी। इस भीषण सड़क हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 16 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बस में ड्राइवर समेत कुल 41 लोग सवार थे। 

 

शुरुआती जांच में ड्राइवर को नींद की झपकी आने के कारण हादसा होने की बात सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार बस फ्लाईओवर पर अचानक अनियंत्रित हुई और पलटते हुए नीचे स्लिप रोड पर जा गिरी। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर इलाज के लिए बंगा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

 

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घायलों को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया

इस हादसे में घायल हुए लोगों का इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को हालत के अनुसार अन्य अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। बंगा के डीएसपी हरजीत सिंह रंधावा ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी थाना प्रभारियों और पुलिस कर्मचारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए। पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और यात्रियों के सामान को सुरक्षित करवाया।

 

इस हादसे में मारे गए लोगों में केरल निवासी और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की छात्रा जोसना जॉर्ज, अमृतसर निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट विशाल रट्टू और लुधियाना निवासी आदित्य गौतम शामिल हैं। चौथे मृतक की पहचान खबर लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। पोस्टमार्टम के बाद जोसना जॉर्ज और विशाल रट्टू के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए। सभी शव शिवपुरी बाबा गोला स्थित शवगृह में रखे गए थे।

ड्राइवर गिरफ्तार

पुलिस ने मंडी जिले के रहने वाले बस ड्राइवर विवेक कुमार को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की गहनता से जांच कर रही है। हादसे में सुरक्षित बचे 21 यात्रियों को पुलिस ने उनका सामान सौंपकर घटनास्थल से सुरक्षित रवाना कर दिया गया है। 

 

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स्थानीय लोगों ने की मदद

हादसे के कारण धमाके जैसी तेज आवाज सुनकर मजारी गांव और आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। पुलिस और एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू कर दिया। बस के शीशे और खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे लहूलुहान यात्रियों को बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने अपने निजी वाहनों, कारों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से तत्काल कई घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और यात्रियों को पीने का पानी व प्राथमिक सहायता मुहैया कराई।

 

इस हादसे ने एक बार फिर रात और सुबह के समय चलने वाली लंबी दूरी की निजी बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहाड़ी और मैदानी लंबे रूटों पर कई निजी ऑपरेटर नियमों की अनदेखी कर एक ही ड्राइवर से 10 से 12 घंटे लगातार ड्राइविंग करवाते हैं। विशेषज्ञों और यात्रियों का कहना है कि रात भर चलने वाली बसों में दो ड्राइवरों का होना जरूरी किया जाए तथा हाईवे पर 'ड्राइवर फटीग' (चालक की थकान) की निगरानी के लिए कड़े नियम व आधुनिक सेंसर्स का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।