कांग्रेस ने अनुराधा मिश्रा 'मोना' को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनुराधा मिश्रा अब अजय राय की जगह लेंगी। अगले साल होने वाला यूपी विधानसभा चुनाव कांग्रेस अनुराधा मिश्रा की टीम के नेतृत्व में लड़ेगी। उनके सामने यूपी में लगातार जनाधार खो रही कांग्रेस में दोबारा जान फूंकने की चुनौती होगी। ऐसे में आइये जानते हैं कि अनुराधा मिश्रा 'मोना' कौन हैं, उनका सियासी रसूख कितना बड़ा है और कांग्रेस ने उन पर दांव क्यों खेला?

 

अनुराधा मिश्रा यूपी के दिग्गज कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से तीन बार की विधायक हैं। सियासत और रसूख अनुराधा मिश्रा को विरासत में मिला है। उनके पिता प्रमोद तिवारी रामपुर खास सीट से ही 9 बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। बाद में अपनी बेटी के लिए सीट छोड़ी और राष्ट्रीय राजनीति का रुख किया। वर्तमान में तिवारी राज्यसभा सांसद हैं। वे 1984 से 1989 तक दो बार राज्य मंत्री भी रहे।  

 

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कांग्रेस ने कैसे साधा सियासी समीकरण?

प्रमोद तिवारी को यूपी में बड़ा ब्राह्मण चेहरा माना जाता है। अब उनकी बेटी अनुराधा मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपना एक बड़ा सियासी संदेश है। राष्ट्रीय स्तर में कांग्रेस जहां शोषित, वंचित और बहुजनों की सियासत में उलझी है। वहीं यूपी में अनुराधा मिश्रा के जरिये ब्राह्मणों को साधने की कोशिश की है या यूं कहें कि बहुजन चेहरा राजेंद्र पाल गौतम को यूपी प्रभारी बनाने के बाद कांग्रेस ने अनुराधा मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर समीकरण साधने का प्रयास किया है। 

अनुराधा मिश्रा: तीन बार की विधायक, बीकॉम तक पढ़ाई

अनुराधा मिश्रा मोना ने पहली बार 2014 में रामपुर खास सीट से उपचुनाव जीता था। उस वक्त चुनावी हलफनामे में अनुराधा ने अपनी संपत्ति 23 करोड़ रुपये बताई थी। 1997 में  इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीकॉम की डिग्री हासिल करने वालीं अनुराधा मिश्रा ने 2017 और 2022 में भी विधानसभा चुनाव जीता। 2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके पास 34 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। प्रतापगढ़ के लालगंज थाने में अनुराधा मिश्रा के खिलाफ 6 आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।

 

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क्या महिलाओं के मुद्दों के इर्द-गिर्द चुनाव लड़ेगी कांग्रेस?

अनुराधा मिश्रा ब्राह्मण के अलावा महिला चेहरा भी हैं। यूपी में कांग्रेस के अलावा किसी अन्य दल में वर्तमान में कोई महिला अध्यक्ष नहीं है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने यूपी में 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' अभियान चलाया था। इसमें अनुराधा मिश्रा ने प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ मिलकर सक्रिय भूमिका निभाई थी। अनुराधा मिश्रा की नियुक्ति को कांग्रेस की महिला केंद्रित सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है। मसलन, अबकी चुनाव में भी कांग्रेस महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाएगी और अनुराधा मिश्रा के जरिये उसकी निगाह 50 फीसद वोटबैंक में सेंधमारी करने की है।