आज की जनरेशन Z यानी जेन जी (Gen Z) के लिए छुट्टियां सिर्फ घर से दूर जाकर कुछ दिन बिताने का नाम नहीं है। उनके लिए वैकेशन का मतलब नई जगह देखना, दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताना और कुछ नया अनुभव करना भी है। कोई कम बजट में ट्रिप प्लान करता है तो कोई दोस्तों के साथ घूमने निकलता है। वहीं कई युवा अकेले घूमना यानी सोलो ट्रिप भी पसंद कर रहे हैं। ट्रैवल की प्लानिंग में सोशल मीडिया का भी बड़ा रोल है जहां से उन्हें नई जगहों और घूमने के तरीकों के बारे में जानकारी मिलती है।

 

जेन जी अपनी छुट्टियों को लेकर बजट का भी ध्यान रखती है। महंगे होटल की जगह बजट होटल या हॉस्टल चुनना, ट्रेन या बस से सफर करना और दोस्तों के साथ खर्च बांटना उनके लिए आम तरीका है। कुछ लोग लंबी छुट्टी के बजाय वीकेंड पर ही छोटी ट्रिप प्लान कर लेते हैं। यानी आज की युवा पीढ़ी के लिए वैकेशन का मतलब ज्यादा पैसे खर्च करना नहीं बल्कि कम बजट में अपनी पसंद के हिसाब से अच्छा समय बिताना और नई यादें बनाना है।

 

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कम बजट में घूमने का प्लान

जेन जी के बीच बजट ट्रैवल काफी पसंद किया जाता है। इसका मतलब है कि घूमने के लिए बहुत ज्यादा पैसे खर्च करना जरूरी नहीं है। युवा महंगे होटल की जगह हॉस्टल, बजट होटल या सस्ते स्टे का ऑप्शन देखते हैं। आने-जाने के लिए भी वे ट्रेन या बस जैसे सस्ते साधन चुन लेते हैं। कई युवा ट्रिप से पहले अलग-अलग ऐप और वेबसाइट पर टिकट और होटल के दाम देखते हैं। जहां कम पैसे में अच्छा ऑप्शन मिलता है वहां बुकिंग कर लेते हैं। इस तरह कम बजट में भी घूमने का मजा लिया जा सकता है। जेन जी के लिए ट्रैवल में पैसे बचाना उतना ही जरूरी है जितना नई जगह देखना।

लंबी छुट्टी से ज्यादा छोटी ट्रिप पसंद

पहले लोग साल में एक बार लंबी छुट्टी पर जाने का प्लान बनाते थे लेकिन जेन जी का तरीका थोड़ा अलग है। वह 2-3 दिन या 3-5 दिन की छोटी ट्रिप को ज्यादा पसंद करते हैं। इसके पीछे एक वजह पढ़ाई और नौकरी भी है। कम छुट्टियों में भी छोटी ट्रिप आसानी से प्लान की जा सकती है।

दोस्तों के साथ ट्रिप का अपना मजा

जेन जी के लिए दोस्तों के साथ घूमना भी काफी खास है। दोस्तों के साथ ट्रिप में खर्च बांट लिया जाता है जिससे बजट भी कम हो जाता है। साथ ही घूमने, खाने और नई जगहों को देखने का मजा भी मिलकर लिया जाता है। कई बार ट्रिप का प्लान भी अचानक बन जाता है। किसी दोस्त ने कहा कि "चलो कहीं घूमने चलते हैं" और बस फिर टिकट और होटल देखने का काम शुरू। यही वजह है कि जेन जी की कई ट्रिप पहले से कई महीने प्लान करने के बजाय कुछ दिन या हफ्ते पहले ही तय हो जाती हैं।

सोलो ट्रिप का भी बढ़ रहा चलन

जेन जी में सोलो ट्रिप यानी अकेले घूमने का चलन भी बढ़ रहा है। इसमें किसी दोस्त या परिवार के साथ जाने की जरूरत नहीं होती। युवा अपनी पसंद के हिसाब से जगह चुनते हैं और अपनी मर्जी से पूरा ट्रिप प्लान करते हैं। Agoda की 2026 Travel Outlook Report के अनुसार, भारत में 22 फीसदी जेन जी सोलो ट्रिप करना पसंद करते हैं। वहीं 57 फीसदी अपने पार्टनर के साथ घूमना पसंद करते हैं। इससे पता चलता है कि युवाओं का ट्रैवल अब सिर्फ परिवार के साथ घूमने तक सीमित नहीं है।

सोशल मीडिया से तय होती है ट्रिप

जेन जी के ट्रैवल प्लान में सोशल मीडिया का भी बड़ा रोल है। इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी जगह की फोटो या वीडियो देखकर कई युवाओं का वहां जाने का मन बन जाता है। कोई पहाड़ों की फोटो देखता है तो पहाड़ों पर जाने का प्लान बन जाता है और किसी को किसी जगह का स्ट्रीट फूड पसंद आ जाता है तो वह उसे ट्राई करने के लिए वहां पहुंच जाता है।

 

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आखिर Gen Z का ट्रैवल इतना अलग क्यों है?

जेन जी के ट्रैवल का तरीका काफी आसान और अपनी पसंद वाला है। यह लोग कम पैसे में ज्यादा घूमने की कोशिश करते हैं। छोटी ट्रिप करते हैं, दोस्तों या पार्टनर के साथ जाते हैं और मौका मिलने पर सोलो ट्रिप भी कर लेते हैं। साथ ही सोशल मीडिया से उन्हें नई जगहों के बारे में पता चलता रहता है।

 

इसलिए यह कहा जा सकता है कि जेन जी के लिए छुट्टियां अब सिर्फ घर से बाहर जाकर वापस आने का नाम नहीं हैं। वे कम बजट में ज्यादा जगह देखना, नए लोगों से मिलना, नया खाना ट्राई करना और अपनी पसंद के हिसाब से समय बिताना पसंद करते हैं।