पोस्ट ऑफिस की कई बचत योजनाएं सुरक्षित निवेश के साथ आकर्षक ब्याज देने के लिए जानी जाती हैं। हर योजना में मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं होता। कुछ योजनाओं में निवेश पर टैक्स छूट मिलती है जबकि कुछ में ब्याज या मैच्योरिटी राशि पर टैक्स नियम लागू होते हैं। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पोस्ट ऑफिस की उन प्रमुख योजनाओं में शामिल है जिसमें निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी राशि पर टैक्स लाभ मिलता है। इसी वजह से इसे EEE (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी की योजना माना जाता है।
हालांकि, निवेश करने से पहले मौजूदा टैक्स नियमों और अपनी वित्तीय जरूरतों को समझना जरूरी है। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि खाता (SSA) भी टैक्स के लिहाज से बेहद फायदेमंद है। इंडिया पोस्ट ऑफिस के अनुसार इस खाते पर अर्जित ब्याज आयकर से मुक्त है। हालांकि, यह योजना केवल पात्र बालिकाओं के लिए है।
PPF में कैसे मिलता है टैक्स-फ्री रिटर्न?
PPF में टैक्स-फ्री रिटर्न का फायदा तीन स्तरों पर मिलता है। PPF में जमा की गई रकम पर आयकर की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की सालाना टैक्स कटौती का लाभ लिया जा सकता है। इसके अलावा, खाते पर मिलने वाला ब्याज आयकर से मुक्त होता है। हालांकि, PPF की मैच्योरिटी अवधि 15 साल है। मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्स के दायरे में नहीं आती है। जिससे PPF को आमतौर पर EEE (Exempt-Exempt-Exempt) टैक्स स्टेटस वाली योजनाओं में गिना जाता है। यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों स्तरों पर टैक्स लाभ मिलता है।
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क्या है EEE का मतलब?
EEE का मतलब छूट-छूट-छूट होता है। यह भारत सरकार की टैक्स श्रेणी का सबसे बेहतरीन नियम है। जिसके तहत निवेश के तीन अलग-अलग चरणों में आपको पूरी तरह टैक्स से छूट मिलती है। EEE के तीन चरण है।
पहला Exempt (निवेश पर छूट)
जब आप योजना में पैसा जमा करते हैं तो उस निवेश राशि पर टैक्स नहीं लगता। पुरानी टैक्स व्यवस्था में धारा 80C के तहत आपकी इनकम से यह रकम घटा दी जाती है।
दूसरा Exempt (ब्याज पर छूट)
आपके निवेश पर हर साल जो ब्याज मिलता है या आपकी रकम जितनी बढ़ती है उस मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं लगता।
तीसरा Exempt (मैच्योरिटी पर छूट)
जब योजना का समय पूरा होता है और आप पूरा पैसा निकालते हैं तो उस अंतिम बड़ी राशि पर भी 1 रुपए का टैक्स भी नहीं देना पड़ता।
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क्या SSY में भी टैक्स-फ्री रिटर्न मिलता है?
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में भी पीपीएफ की तरह ही EEE (Exempt-Exempt-Exempt) मॉडल के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री रिटर्न मिलता है। यह योजना विशेष रूप से बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए बनाई गई है और वर्तमान में इस पर सरकार द्वारा 8.2 प्रतिशत की सबसे ऊंची ब्याज दर दी जा रही है। सुकन्या समृद्धि खाते में टैक्स छूट मिलने की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है।
पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत, माता-पिता या कानूनी अभिभावक बेटी के नाम पर किए गए निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 123 के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। इससे आपकी टैक्स योग्य आय सीधे कम हो जाती है। इस खाते में जमा राशि पर मिलने वाला सालाना ब्याज पूरी तरह से आयकर से मुक्त होता है। हर साल चक्रवृद्धि ब्याज के रूप में जो भी मोटी रकम जुड़ती है उस पर सरकार 1 रुपए भी टैक्स नहीं काटती।
हालांकि, जब बेटी 21 वर्ष की होती है और खाता मैच्योर होता है तो मिलने वाली पूरी अंतिम राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। इसके अलावा अगर बेटी 18 वर्ष की आयु या 10वीं पास करने के बाद पढ़ाई या शादी के लिए 50 प्रतिशत तक की आंशिक निकासी करती है तो वह रकम भी पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।
