बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड के राजाजन गांव के रहने वाले अभिषेक चौहान ने यूपीएससी की परीक्षा 2025 में देश भर में 102वीं रैंक हासिल की है। सबसे कमाल की बात यह है कि अभिषेक ने अपने पहले ही अटेम्प्ट में यह बड़ी कामयाबी हासिल की है। अब वह सिविल सर्वेंट बनकर देश की सेवा करेंगे।
अभिषेक ने IIT धनबाद से जियोलॉजी में पढ़ाई की है। वह गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एक बड़ी कंपनी में लाखों रुपये के पैकेज वाली नौकरी भी मिल गई थी। लेकिन उन्होंने महज 6 महीने में ही वह नौकरी छोड़ दी और साल 2022 से पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। उन्होंने 'सेल्फ स्टडी' के दम पर यह सफलता पाई है। उन्होंने घर पर रहकर ही घंटों मेहनत की और बिना किसी नामी कोचिंग के 102वीं रैंक हासिल कर सबको हैरान कर दिया।
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परिवार का नाम किया रोशन
अभिषेक चौहान भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के सगे मामा हैं। 13 साल के वैभव जहां क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड बना रहे हैं, वहीं उनके मामा अब सिविल सर्वेंट बनेंगे। अभिषेक के पिता डॉ.अभय कुमार सिंह वर्तमान में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के कुलसचिव हैं और मां अनुराधा राजपूत एक हाउसवाइफ हैं।
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कैसा रहा बचपन?
अभिषेक का जन्म 18 नवंबर 1999 को हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा हाजीपुर के अक्षरा स्कूल से हुई। इसके बाद उनका चयन सैनिक स्कूल और आरके मिशन दोनों जगह हुआ था। लेकिन उन्होंने आरके मिशन पुरुलिया से मैट्रिक और गुरु वशिष्ठ स्कूल, हाजीपुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।
जैसे ही यूपीएससी का रिजल्ट आया, अभिषेक के पैतृक गांव राजाजन और उनके ननिहाल दलसिंहसराय में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर इस जीत का जश्न मनाया। अभिषेक की इस सफलता ने पूरे बिहार और समस्तीपुर जिले का मान बढ़ाया है।
