उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना उन्नाव में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान बजते समय बीच में ही सलामी मंच से उतरकर चले गए। महज 52 सेकेंड में गाए जाने वाले राष्ट्रगान के लिए भी वह इंतजार नहीं कर सके। उनके साथ मौजूद लोग भी चल पड़े। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि सतीश महाना को इतनी भी क्या जल्दी थी। 

कुछ लोगों ने लिखा है कि उनकी पार्टी संसद में पूरा 'वंदे मातरम' गाने के लिए कानून लेकर आई है, जिसे गाने में 3 मिनट 10 सेकंड लगते हैं। अगर वह बजा तो सतीश महाना कितनी देर टिकेंगे। सतीश महाना के खिलाफ लोगों गा गुस्सा भड़का है। अभी तक उन्होंने इस विवाद पर कुछ नहीं कहा है।

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कैसे फंस गए सतीश महाना?

शनिवार को उन्नाव के पूरन नगर के एक स्कूल में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद का प्रांतीय अधिवेशन चल रहा था। इसमें सतीश महाना मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम की शुरुआत में पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। जैसे ही ये खत्म हुआ, राष्ट्रगान शुरू हो गया। राष्ट्रगान के दौरान महाना अचानक सलामी मंच से पीछे की तरफ मुड़े। उन्होंने कान के पास कुछ ठीक किया, फिर मंच से उतर गए। वहां खड़े समर्थकों ने उनके पैर छुए। 

राष्ट्रगान बजता रहा, निकल गए सतीश महाना

राष्ट्रगान चलता रहा और सतीश महाना गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए। सतीश महाना कानपुर की महाराजपुर सीट से विधायक हैं और उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष भी हैं। कार्यक्रम के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन, विपक्ष के रवैये और जेन-जी आंदोलन जैसे मुद्दों पर भी बात की।

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क्या यह अपराध है?

एडवोकेट सुचिता त्रिपाठी ने बताया, 'राष्ट्रगान के दौरान बीच में बाहर निकल जाना, अपने-आप में अपराध नहीं बनता। अपराध तब बन सकता है जब व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान को गाने से रोके या गा रहे लोगों की सभा में बाधा या अव्यवस्था पैदा करे। प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर एक्ट 1971 की धारा 3 के मुताबिक जो व्यक्ति जानबूझकर,
राष्ट्रगान के गायन को रोकता है या राष्ट्रगान गा रही सभा में व्यवधान उत्पन्न करता है, उसे अधिकतम तीन वर्ष का कारावास, या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।'

सतीश महाना ने क्या गलती की है?

एडवोकेट सुचिता त्रिपाठी ने बताया कि कानूनी तौर पर सतीश महाना ने गलती नहीं की है। अगर कोई राष्ट्रगान के बीच में शांतिपूर्वक निकल जाता है, बिना शोर मचाए, मजाक उड़ाए, विरोध किए या दूसरे को बिना रोके तो दंडनीय अफराध नहीं बनता है।

प्रोटोकॉल क्या कहता है?

एडवोकेट सुचिता त्रिपाठी ने इस सवाल के जवाब में कहा, 'राष्ट्रगान अगर बजाया जा रहा है तो यह सामान्य शिष्टाचार और सरकारी प्रोटोकॉल है कि सावधान खड़े रहें। गृह मंत्रालय के निर्देशों में भी सामान्य रूप से राष्ट्रगान के समय उपस्थित लोगों से सावधान खड़े रहने की अपेक्षा की गई है। अगर सतीश महाना ने इसे तोड़ा है तो वह नैतिक तौर पर गलत हैं।'

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क्या लिख रहे हैं लोग?

ममता त्रिपाठी ने X पर लिखा, 'राम मंदिर में चंदा देने वालों से रसीद मांगने वाले यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना गार्ड ऑफ ऑनर के में चल रहे 'राष्ट्र गान' को बीच में ही छोड़कर चल पड़े। इतना लंबा राजनीतिक सफर तय करने के बाद इतने बडे़ राष्ट्रवादी हैं?'

रणविजय सिंह ने X पर लिखा है, 'यूपी विधानसभा के अध्यक्ष और BJP के वरिष्ठ नेता सतीश महाना राष्ट्रगान के बीच ही चल पड़े। शायद कहीं जल्दी पहुंचना होगा। बड़े लोग हैं, व्यस्त रहते हैं। राष्ट्रगान तो बजता रहता है।'

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रूबी अरुण ने लिखा, 'उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना राष्ट्र गान के बीच में ही टा-टा, बाय-बाय करके अपनी कार में बैठ कर निकल लिए। क्या इनके विरुद्ध कोई FIR दर्ज होगी

डिस्लेमर: यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, खबरगांव इसकी पुष्टि नहीं करता है।