आज देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है और बहने अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांध रही हैं। सोशल मीडिया पर जमकर फोटो और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। इस खास मौके पर गुजरात में भाई-बहन के रिश्ते की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, 25 साल की निधि पटेल ने अपने दिवंगत भाई शैशव पटेल के दिल से जिंदगी पा चुके 25 साल के रविराज महीदा को राखी बांधी। वह रविराज को राखी बांधने भरूच जिले के असरमा गांव पहुंचीं। इसके बाद राखी बांधते हुए उन्होंने तस्वीर भी शेयर की।

 

निधि पटेल के भाई शैशव का दिल करीब तीन साल पहले अंगदान के जरिए रविराज के शरीर में ट्रांसप्लांट किया गया था। अब रक्षाबंधन पर निधि और रविराज का रिश्ता सिर्फ अंगदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में बदल गया है। आज निधि का भाई तो उनके साथ नहीं है लेकिन जिसे निधि के भाई ने जीवनदान दिया वह भाई निधि के साथ है। 

 

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भाई के दिल से बना रिश्ता

निधि अंकलेश्वर के हजात गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि अंगदान के बाद दोनों परिवार लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं। निधि के मुताबिक, वह रविराज के माता-पिता को फोन करती हैं और वे भी उन्हें अपनी बेटी की तरह मानते हैं। निधि का कहना है कि जब वह रविराज की कलाई पर राखी बांधती हैं तो उन्हें ऐसा लगता है जैसे उनका भाई किसी न किसी रूप में अभी भी उनके साथ है। इस रिश्ते ने शैशव को खोने के गम के बीच परिवार को एक अलग तरह का सहारा दिया है।

ब्रेन डेड होने के बाद किया था अंगदान

शैशव पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर थे और भरूच की एक फैक्ट्री में काम करते थे। वह अपने परिवार के खेती-किसानी के काम में भी हाथ बंटाते थे। मार्च 2023 में एक दर्दनाक हादसे के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें पहले अंकलेश्वर के अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए सूरत लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। 

 

परिवार के लिए यह बेहद मुश्किल समय था, लेकिन बाद में उन्हें अंगदान के जरिए कई लोगों की जिंदगी बचाने की जानकारी मिली। इसके बाद निधि ने अपने माता-पिता को अंगदान के लिए राजी किया। भाई को खोने के बाद परिवार टूट चुका था लेकिन निधि की समझ से उन्होंने अपने भाई के अंगों का दान करने का फैसला किया।

 

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ट्रांसप्लांट के बाद बना रिश्ता

बाद में पटेल परिवार को एक रिश्तेदार के जरिए पता चला कि शैशव का दिल रविराज के शरीर में ट्रांसप्लांट किया गया है। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच मुलाकात और बातचीत बढ़ती गई। रविराज का कहना है कि शैशव का दिल आज उनके अंदर धड़क रहा है और निधि की बांधी हुई राखी सिर्फ उनकी कलाई पर नहीं, बल्कि दोनों परिवारों के दिलों पर बंधी है। उन्होंने कहा कि शैशव ने उन्हें नई जिंदगी देने के साथ-साथ निधि के रूप में एक बहन भी दी है। शैशव का दिल दो अनजान परिवारों को प्यार और अपनापन के ऐसे बंधन में जोड़ गया, जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। सोशल मीडिया पर अब इस कहानी की खूब चर्चा है।