यूवीकैन फाउंडेशन ने नूंह में 14 हजार महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की जांच की
'स्वस्थ महिला स्वस्थ भारत' अभियान के तहत हरियाणा के नूंह जिले में जांच की गई है। सरकारी अस्पतालों में 1,000 से अधिक क्रिटिकल केयर बेड स्थापित किए हैं।

कैंसर केयर । Photo Credit : YouWeCan Foundation
क्रिकेटर युवराज सिंह के यूवीकैन फाउंडेशन ( YouWeCan Foundation ) ने ‘स्वस्थ महिला स्वस्थ भारत’ कार्यक्रम के तहत हरियाणा के नूंह जिले में ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग करवाई। अभियान के फेज-1 में 10,000 महिलाओं की जांच की गई। दूसरे फेज में 4,000 अन्य महिलाओं की स्क्रीनिंग हुई। कुल मिलाकर अभियान के तहत कुल 14,000 महिलाओं ने ब्रेस्ट कैंसर की जांच करवाई और डॉक्टरों से परामर्श लिया। यह पहल Xiaomi India के सहयोग से संचालित की गई है।
फाउंडेशन ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत न केवल स्क्रीनिंग की गई, बल्कि बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान भी चलाया गया। सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों और स्क्रीनिंग कैंपों के जरिए 21,000 से अधिक महिलाओं को ब्रेस्ट हेल्थ, स्वयं-परीक्षण (सेल्फ ब्रेस्ट एग्ज़ामिनेशन) और शुरुआती लक्षणों की पहचान के बारे में जानकारी दी गई। इनमें वे सभी महिलाएं शामिल थीं, जिनकी स्क्रीनिंग की गई। अभियान के दौरान 111 संदिग्ध मामलों की पहचान हुई, जिन्हें काउंसलिंग और आगे की जांच के लिए रेफर किया गया।
इलाज नहीं, देर से पहचान है ब्रेस्ट कैंसर की असली चुनौती
क्रिकेटर युवराज सिंह ने कहा कि भारत में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में खराब नतीजों की बड़ी वजह इलाज की कमी नहीं, बल्कि बीमारी का देर से पता चलना है। उन्होंने कहा, 'स्वस्थ महिला स्वस्थ भारत की शुरुआत इसी वास्तविकता को बदलने के लिए की गई थी। हमारा लक्ष्य उन महिलाओं तक जागरूकता, स्क्रीनिंग और फॉलो-अप को पहुंचाना है, जो अक्सर देर से निदान का शिकार होती हैं। सामुदायिक सहभागिता, तकनीक आधारित स्क्रीनिंग और मजबूत जमीनी साझेदारियों के जरिए हम स्वास्थ्य को सामान्य बातचीत का हिस्सा बनाना चाहते हैं, ताकि महिलाएं समय रहते आत्मविश्वास के साथ कदम उठा सकें।'
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ब्रेस्ट कैंसर की क्या है बड़ी चुनौती ?
यह कार्यक्रम जुलाई 2024 में शुरू किया गया था। इसे एक बड़े पैमाने के निवारक स्वास्थ्य अभियान के रूप में डिजाइन किया गया, जिसका उद्देश्य कम जागरूकता, सामाजिक झिझक और स्क्रीनिंग सुविधाओं की कमी के कारण होने वाले देर से ब्रेस्ट कैंसर निदान की समस्या से निपटना है। यूवीकैन फाउंडेशन ( YouWeCan Foundation ) द्वारा Xiaomi India के सहयोग से इसे देश के 15 राज्यों के 15 आकांक्षी जिलों में लागू किया गया। इन क्षेत्रों का चयन इसलिए किया गया, क्योंकि यहां स्वास्थ्य संकेतक राष्ट्रीय औसत से नीचे हैं और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निवेश की सबसे अधिक आवश्यकता है।
राष्ट्रीय स्तर पर इस कार्यक्रम ने अब तक अपना प्रभाव डाला है। फाउंडेशन के अनुसार, देशभर में 5 लाख से अधिक लोगों को ब्रेस्ट हेल्थ और स्वयं-परीक्षण के महत्व के बारे में शिक्षित किया गया है। इसके अलावा, 2 लाख से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, 2,700 से अधिक संदिग्ध मामलों की पहचान हुई है और 13 मामलों में ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि हुई है। इन सभी मामलों में समय पर रेफरल और इलाज की निरंतरता सुनिश्चित की गई।
स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ेगा
फेज-1 से मिले सकारात्मक अनुभवों और प्रभाव को देखते हुए यूवीकैन फाउंडेशन ( YouWeCan Foundation) ने ‘स्वस्थ महिला स्वस्थ भारत फेज-2.0’ शुरू करने की घोषणा की है। इस नए चरण का उद्देश्य स्क्रीनिंग कवरेज को और बढ़ाना, समुदाय के साथ जुड़ाव को गहरा करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ एकीकरण को मजबूत करना है, ताकि कार्यक्रम लंबे समय तक टिकाऊ बन सके और ज्यादा लोगों तक पहुंच सके।
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कार्यक्रम के सहयोगी भागीदार के रूप में Xiaomi India ने तकनीक आधारित स्क्रीनिंग समाधानों की तैनाती, जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण और विविध भौगोलिक क्षेत्रों में जागरूकता अभियानों को विस्तार देने में अहम भूमिका निभाई। Xiaomi India के सीओओ सुधिन माथुर ने कहा, 'हम मानते हैं कि तकनीक का उद्देश्य केवल नवाचार नहीं, बल्कि वास्तविक और सार्थक प्रभाव पैदा करना होना चाहिए।
यूवीकैन फाउंडेशन ( YouWeCan Foundation ) के साथ इस साझेदारी के जरिए हम जागरूकता और कार्रवाई के बीच की खाई को पाटने का प्रयास कर रहे हैं। अब तक 4 लाख से अधिक महिलाओं को सशक्त किया जा चुका है और 2 लाख से ज्यादा महिलाओं की स्क्रीनिंग हो चुकी है। यह दिखाता है कि कैसे तकनीक, उद्देश्य और पैमाना मिलकर समय पर हस्तक्षेप और ठोस सामाजिक बदलाव ला सकते हैं।'
नूंह में घर-घर पहुंचा जागरूकता अभियान
इस पहल का दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम ने ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ी आशंका और डर को कम करने, निवारक स्वास्थ्य पर खुली बातचीत को सामान्य बनाने और महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक व सशक्त बनाने में योगदान दिया है। इसके साथ ही, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कर्मचारियों और स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमताओं को मजबूत किया गया, जिससे जमीनी स्वास्थ्य व्यवस्था को भी बल मिला।
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नूंह जिले में कार्यक्रम के प्रभाव पर बोलते हुए डॉ. अतीक असलम ने कहा कि यूवीकैन फाउंडेशन ( YouWeCan Foundation ) ने गांव-गांव जाकर महिलाओं तक ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता और स्क्रीनिंग पहुंचाई। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर घर-घर जाकर संपर्क किया गया, जिससे झिझक और गलतफहमियों को दूर करने में मदद मिली। उनके अनुसार, इस तरह की सतत और जमीनी पहलें निवारक स्वास्थ्य को मजबूत करती हैं और वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बना सकती हैं।
340 बच्चों के इलाज में किया सहयोग
यूवीकैन फाउंडेशन ( YouWeCan Foundation ) पिछले एक दशक से कैंसर केयर के दायरे में काम कर रही है। जागरूकता, शुरुआती पहचान, मरीज सहायता और सर्वाइवर सशक्तिकरण इसके प्रमुख क्षेत्र हैं। अब तक फाउंडेशन 3.4 लाख से अधिक महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कर चुकी है, 340 से ज्यादा जरूरतमंद बच्चों के इलाज में सहयोग दिया है। सरकारी अस्पतालों में 1,000 से अधिक क्रिटिकल केयर बेड स्थापित किए हैं और 10 लाख से अधिक नागरिकों को निवारक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाया है।
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