ईरान के सर्वोच्च लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई को मारकर पाकिस्तान ने आफत मोल ले ली है। पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर भीड़ ने हमला किया है, अधिकारियों की जान पर बन आई है। भीड़, आयतुल्ला की मौत के बाद भड़क हुई और अब अमेरिकी अधिकारियों की शामत आ गई है। प्रदर्शनकारी, 'इंसाफ चाहिए' के नारे लगा रहे हैं, इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
शनिवार को इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में, तेहरान स्थित आवास में आयतुल्लाह अली खामेनेई मारे गए है। उनके परिवार के कुछ सदस्य भी मारे गए हैं। आयतुल्ला खामेनेई की मौत को लेकर बेहद आक्रोशित कर रहे हैं। लोग अमेरिका और इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं।
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कराची में पाकिस्तानी दूतावास पर हमला
रविवार को कराची में अमेरिकी दूतावास के पास मई कोलाची रोड पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई है। भीड़ दूतावास के अंदर दाखिल होना चाहती थी। द डॉन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस हिंसा में कई लोगों को चोटें आई हैं।
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कराची में बिगड़े हालात
दूतावास पर हमला करने आई भीड़ इतने गुस्से में थी कि ईंट, पत्थर, डंडे तक एंबेसी पर फेंककर मारने लगी। पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, लाठीचार्ज किया। कई लोग इस झड़प में घायल हुए हैं, जिन्हें कराची के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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क्या कह रही है कराची पुलिस?
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के पास, गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर ने कराची के पुलिस अधिकारियों से बात की है। उन्होंने निर्देश दिया है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रशासनिक आदेश के बाद भी कराची में भीड़ रुकने का नाम नहीं ले रही है। सरकार ने संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।