अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी समझौते पर बातचीत स्विट्जरलैंड में चल रही है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जोरदार हमला करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने लेबनान में अपने प्रॉक्सी को नहीं रोका तो अमेरिका पिछले हमले से भी जोरदार अटैक करेगा। ट्रंप की धमकी पर ईरान ने भी पलटवार किया और कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाएं जवाब देने को तैयार हैं।
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ईरान को लेबनान में अपने भारी-भरकम पेड प्रॉक्सी को गड़बड़ी फैलाने से तुरंत रोकना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो हम ईरान पर दोबारा से बहुत जोरदार हमला करेंगे। ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ्ते किया था, बल्कि उससे भी जोरदार होगा।'
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होर्मुज पर टोल वसूलेगा अमेरिका, लेकिन...
ट्रंप ने एक अन्य धमकी में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टोल लगाने की भी बात कही। उनका कहना है कि अगर 60 दिनों के भीतर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टोल वसूलेगा। ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा, सीजफायर के दौरान 60 दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई टोल नहीं लगेगा। 60 दिन की समयसीमा खत्म होने के बाद भी कोई टोल नहीं लगेगा, सिवाय उस स्थिति के जब डील नहीं होने पर अमेरिका टोल वसूलेगा, क्योंकि अमेरिका ने मध्य पूर्व के देशों के लिए 'गार्जियन एंजेल' (रक्षक) के तौर पर जो सेवाएं दी हैं, उनके खर्च की भरपाई अतीत, वर्तमान और भविष्य के हिसाब से की जानी है।
हमारी सेना जवाब देने को तैयार: ईरान
ट्रंप की धमकियों पर ईरानी संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ ने अमेरिका को चेतावनी दी कि उनकी सशस्त्र सेनाएं जवाब देने को तैयार हैं। गालिबफ ने कहा, 'क्या उन्हें नहीं लगता कि अगर उनकी धमकियों का कोई असर होता तो वे आज इस हताशा की स्थिति में नहीं पहुंचते? हम अमेरिकी धमकियों को ध्यान में नहीं रखते। उन्हें अपने बयान के प्रति सावधान रहना चाहिए। हमारी सशस्त्र सेनाएं उन्हें अलग तरीके से जवाब देने को तैयार हैं। वे कुछ भी कहें, कार्रवाई तो हम ही करते हैं।'
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क्या विफल हो जाएगी स्विट्जरलैंड यात्रा?
उधर, ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि अगर इजरायल ने लेबनान से अपनी सेना को नहीं बुलाया तो तेहरान अमेरिका के साथ सभी वार्ता को सस्पेंड कर देगा।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि समझौते के अनुच्छेद 1 को लागू किए बिना बातचीत करना अर्थहीन होगा। ईरानी मीडिया के मुताबिक अनुच्छेद 1 में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को खत्म करने और लेबनान की अखंडता और संप्रभुता को सुनिश्चित करना शामिल है।
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इजरायल ने अमेरिका के सामने खींच दी लकीर
अमेरिका के सामने अब इजरायल ने भी अपनी लकीर खींच दी है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य दबाव जारी रखेगा। ईरान को किसी भी हाल में परमाणु बम हासिल करने नहीं देंगे। इन दो मुद्दों पर इजरायल कोई समझौता नहीं करेगा। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के बारे में चाहे तो भी कूटनीतिक घटनाक्रम हो, लेकिन परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति इजरायल नहीं देगा। जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, ऐसा नहीं होने दूंगा।