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'नहीं माने तो गाजा जाकर मारना पड़ेगा', डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को दी खुली धमकी

हमास-इजरायल डील पर बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर हमास के लड़ाके हथियार नहीं छोड़ते हैं तो गाजा जाकर उन्हें मारना ही एक विकल्प बचेगा।

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डोनाल्ड ट्रंप, Photo Credit: PTI

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार हमास और इजरायल के बीच शांति स्थापित कराने में लगे हुए हैं। उनके प्रयासों के चलते दोनों के बीच संघर्ष विराम भी हुआ है और हमास ने बंधकों को रही भी किया है। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को धमकी दे डाली है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हमास के लोग हथियार छोड़ेंगे और अगर नहीं छोड़ेंगे तो हम छुड़वाएंगे। ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि अगर हमास के लड़ाके नहीं मानते हैं और शांति नहीं स्थापित करते हैं तो उन्हें मारना ही पड़ेगा। डोनाल्ड ट्रंप की यह धमकी तब आई है जब इजरायल और हमास के बीच शांति समझौता हो जाने के बाद भी कुछ जगहों पर हिंसक घटनाओं की खबरें आई हैं।

 

यह धमकी देते हुए ट्रंप ने कहा है कि अगर हमास के खिलाफ ऐसा कुछ करना भी हुआ तो वह अमेरिकी सेना को गाजा नहीं भेजेंगे। बताते चलें इजरायल और हमास के बीच हुए समझौते के तहत हमास सभी बंधकों को रिहा करेगा। जिन बंधकों को उसने मार डाला है, उनकी लाश भी लौटानी होगी। इसके लिए समय-सीमा सोमवार तक ही तय की गई थी। यह भी कहा गया था कि अगर सोमवार तक हमास ऐसा नहीं कर पाता है तो उसे लापता या मारे जा चुके बंधकों की जानकारी देनी होगी और जल्द से जल्द उन्हें इजरायल को सौंपना होगा। 

 

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क्या अमेरिकी सेना भेज देंगे ट्रंप?

 

हमास पर हमला करने के बारे में ट्रंप ने कहा, 'हम अपनी सेना नहीं भेजेंगे। हमें ऐसा करना भी नहीं पड़ेगा। उनके बहुत पास में ही ऐसे लोग हैं, जो वहां जाएंगे और बहुत आसानी से काम कर डालेंगे। हालांकि, वे हमारी निगरानी में काम करेंगे।' हमास की आलोचना करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हमास अपने विरोधी गुटी के खिलाफ हिंसक तरीका अपना रहा है और कई गैंग के लोगों को मार भी चुका है। उससे मुझे खास फर्क भी नहीं पड़ता है। हालांकि, उन्हें हथियार छोड़ने होंगे, अगर वे खुद से ऐसा नहीं करते तो हम करवाएंगे। यह सब बहुत जल्दी होगा और शायद हिंसक तरीके से होगा।'

 

यहां यह बताना जरूरी है कि लगभग 18 साल पहले जब गाजा के लड़ाकों ने सत्ता हथिया ली थी तब हमास की पुलिस ने लोगों की सुरक्षा का ख्याल रखा। इसके लिए उन्होंने आवाज उठाने वाले लोगों को भी नहीं छोड़ा। हाल ही में जब से इजरायली सेना ने गाजा के ज्यादातर इलाकों पर हमले किए और हमास के सुरक्षाबलों पर हमले किए तब से हमास की पुलिस कमजोर पड़ गई है।

 

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इसके बाद से कई लोकल गैंग, कई हमास विरोधी गुट (खासकर इजरायल समर्थित) और स्थानीय परिवार इस खेल में उतर आए हैं। इनमें से कइयों पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने मदद के लिए आई चीजों को लूट लिया और उन्हें बेचने लगे। नतीजा यह हुआ कि गाजा के पीड़ित लोग भूखे ही रह गए।

क्या बोले नेतन्याहू?

 

उधर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा है कि सीजफायर डील में बंधकों के शव लौटाने से जुड़ी सभी शर्तों को हमास पूरा करे। दरअसल, हमास के लड़ाकों ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा था कि उसके पास जिन बंधकों के शव थे, उसने लौटा दिए हैं और सीजफायर की शर्तों का सम्मान किया है।

 

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इससे पहले, अमेरिका ने पिछले हफ्ते एलान किया था कि वह अपने 200 सैनिक भेज रहा है और वे सीजफायर डील की मॉनिटरिंग के साथ-साथ इजरायल की मदद भी करेंगे। अमेरिकी अधिकारियों का यह भी कहना है कि अमेरिका की सेना गाजा नहीं जाएगी। इस बीच हमास की ओर से जिस सुस्त रफ्तार से बंधकों के शव या शव के अवशेष लौटाए जा रहे हैं, उससे इजरायाल नाराज है। हमास 28 शव और 20 जिंदा बंधकों को लौटाने पर राजी हुआ था।  

 


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