10 में से 7 लोगों में प्रोटीन की कमी, रोजाना कितनी मात्रा में लेना जरूरी?
ICMR की रिपोर्ट के अनुसार 10 में से 7 लोगों में प्रोटीन की कमी पाई गई है। ऐसे में मन में सवाल उठता है कि हर व्यक्ति को रोजाना कितनी मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए?

प्रोटीन फूड, Photo Credit: Social media
हम सभी जानते हैं कि प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है। हम अक्सर सुनते हैं कि अपने दिन की शुरुआत प्रोटीन वाले नाश्ते के साथ करें। आपको लगता है कि प्रोटीन एक पौष्टिक तत्व है लेकिन ये आपकी जिंदगी के लिए बहुत जरूरी है। आपके शरीर के हर सेल (कोशिका) प्रोटीन से बना होता है। पानी के बाद आपके शरीर के लिए सबसे ज्यादा प्रोटीन है। प्रोटीन मांसपेशियों, हड्डियों, त्वचा और बालों को बढ़ाने के लिए जरूरी होती है। इसके अलावा प्रोटीन से वे एंजाइम भी बनते हैं जो एंटीबॉडीज से लड़ने में मदद करते हैं।
प्रोटीन अमीनो एसिड से बना होता है। प्रोटीन वाले खाने में 20 प्रकार के एमिनो एसिड होते हैं। इनमें से 9 सबसे ज्यादा जरूरी होते हैं जिसे शरीर खुद से नहीं बना सकता है। हमारा शरीर अपनी जरूरत के हिसाब से 20 अमीनो एसिड को अलग-अलग कॉम्बिनेशन में इस्तेमाल करता है।
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प्रोटीन के फायदे
- प्रोटीन हमारे शरीर को रिपेयर करने का काम करता है इसलिए अपनी डाइट में प्रोटीन को जरूर शामिल करें। खासतौर से शरीर को बचपन, टीनेज, प्रेग्नेंसी और ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान प्रोटीन की अधिक जरूरत पड़ती है। यह आपके शरीर के फ्लूइड को बैलेंस करने में मदद करता है।
- इसके अलावा प्रोटीन तब ज्यादा जरूरी हो जाता है जब आपका शरीर बढ़ रहा हो या फिर आप बीमार हो या किसी चोट से ठीक हो रहे हों। उम्र बढ़ने के साथ प्रोटीन की सही मात्रा लेना बहुत जरूरी है।
- यह आपके खून का थक्का बनाता है। जब आपको चोट लग जाती हैं तो प्रोटीन फाइबर उस खून को बहने से रोकने का काम करते हैं।
- प्रोटीन शरीर के कई सिस्टम को ठीक से काम करने में मदद करता है। आपके खून में मौजूद हीमोग्लोबिन जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाता है। वे ज्यादातर प्रोटीन बना होता है।
- इंसुलिन हार्मोन जो आपके ब्लड में शुगर को कंट्रोल करता है वह भी प्रोटीन से बना होता है।
- सही मात्रा में प्रोटीन लेने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और वजन नियंत्रित रहता है।
- एक्सरसाइज करने के बाद मांसपेसियों को रिपेयर करने का काम भी प्रोटीन का ही होता है।
प्रोटीन कम लेने के नुकसान
ICMR और IMRB के सर्वे के अनुसार भारत में 73% लोगों में प्रोटीन की कमी पाई गई है। सिर्फ 10% लोग है जो अपनी डाइट में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन ले रहे हैं। इसका मुख्य कारण है कि 90% लोगों को पता ही नहीं है कि कितनी मात्रा में प्रोटीन लेना है? भारत में एनिमल और प्लांट बेस्ड दोनों प्रकार के प्रोटीन मिलते हैं। जिन बच्चों में प्रोटीन की ज्यादा कमी होती है उन्हें kwashiorkor नाम की गंभीर बीमारी हो सकती है। यह कुपोषण का एक प्रकार जिसमें बच्चों की ग्रोथ रूक जाती है।
इसके अलावा बाल झड़ना, त्वचा में ड्राईनेस, चिड़चिड़ापन और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं बुजुर्गों में प्रोटीन की कमी की वजह से कमजोरी, थकान, बिना किसी कारण वजन कम होना। इसके अलावा चोट लगने और बीमार पड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।
कितनी मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए?
हम सभी को प्रोटीन की जरूरत है लेकिन सबको एक जैसे मात्रा में नहीं चाहिए। हमारी जरूरतें उम्र, वजन और अन्य चीजों पर निर्भर करती हैं। अगर आप प्रेग्नेंट हैं या ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं तो आपको ज्यादा प्रोटीन की जरूरत है। किसी बीमारी या चोट से उभरने के लिए ज्यादा प्रोटीन की जरूरत है। अगर आप एथलीट है तो आपको ज्यादा प्रोटीन लेने की सलाह दी जाती हैं। नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक जानिए किस उम्र के व्यक्ति को कितना प्रोटीन चाहिए?

- छोटे बच्चे को दिन भर में 10 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
- स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे को 19 से 34 ग्राम प्रोटीन चाहिए।
- पुरुष जिन्होंने अपने टीनेज में कदम रखा है उन्हें रोजाना 52 ग्राम प्रोटीन चाहिए।
- महिला जिसने अपने टीनेज में कदम रखा है उसे 46 ग्राम प्रोटीन रोजाना चाहिए।
- एडल्ट पुरुष को रोजाना 56 ग्राम प्रोटीन चाहिए।
- एडल्ट महिला को रोजाना 46 ग्राम प्रोटीन चाहिए। अगर वह प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीडिंग कर रहा है तो 71 ग्राम प्रोटीन रोजाना लेना चाहिए।
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अधिक प्रोटीन लेने से क्या होता है?
किडनी को नुकसान- बहुत ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी पर ज्यादा दबाव पड़ता है। अगर आपको पहले से किडनी से जुड़ी समस्या है तो आपको ज्यादा खतरा हो सकता है। अगर पेशाब में अधिक झाग आता है तो पेशाब में बहुत प्रोटीन है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।
डिहाइड्रेशन- किडनी को अधिक मात्रा में प्रोटीन को प्रोसेस करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है जिसकी वजह से मुंह सूखना, त्वचा में ड्राईनेस और बार बार प्यास लगने के लक्षण नजर आ सकते हैं।

पाचन संबंधी परेशानियां- खासतौर से अगर आप रेड मीट का सेवन कर रहे हैं तो पाचन तंत्र में बुरा असर पड़ता है। आपको कब्ज, दस्त और पेट फूलने की समस्या हो सकती हैं।
वजन बढ़ना- वजन की समस्या- अगर आप अधिक मात्रा में प्रोटीन ले रहे हैं तो अधिक कैलोरी लेने के वजह से नुकसान हो सकता है।
मुंह से बदबू आना- कम कार्बोहाइड्रेट और अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से कीटोसिस हो सकता है। जिसका मतलब है कि आपका शरीर एनर्जी को बनाए रखने के लिए फैट बर्न करता है। मुंह से बदबू आना कीटोसिस का एक साइड इफेक्ट है।
अगर आपकी हाई प्रोटीन डाइट में रेड मीट, प्रोसेस्ड मीट या सैचुरेटेड फैट ज्यादा है तो इससे आपके शरीर में अनहेल्दी कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है और आपको दिल की बीमारी का खतरा हो सकता है।
किन चीजों में होता है प्रोटीन?
चिकन, टर्की, बीफ, पोर्क, सलमन,ट्यूना, मैकेरल, बीन्स, मटर, दालें, अखरोट, चिया सीड्स, सूरजमुखी के बीज, अंडे, क्विनोआ, सोय प्रोडक्ट्स में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है।
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