logo

मूड

ट्रेंडिंग:

क्या मेनोपॉज के बाद पीरियड्स आना फिर से संभव है? डॉक्टर से जानिए

महिलाओं में मेनोपॉज तब होता है जब पीरियड्स आना बंद हो जाते हैं। यह आमतौर पर 45 से 50 साल की उम्र में होता है।

menopause

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: freepik

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

'कहानी घर घर की', 'कुसुम' और 'बालवीर' जैसे हिट टीवी शोज में अभिनेत्री श्वेता क्वात्रा काम कर चुकी हैं। उन्होंने  अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में खुलासा किया था उन्हें 40 की उम्र में मेनोपॉज आ गया था। उन्होंने इस समस्या का 5 साल तक इलाज करवाया और बौद्ध मंत्रों का जाप किया। इन दोनों चीजों का असर पड़ा और उन्हें फिर से पीरियड्स आने लगे। उनके इस दावे ने लोगों को हैरान कर दिया।

 

ऐसे में मन में सवाल उठता है कि क्या मेनोपॉज के बाद पीरियड्स फिर से आ सकते हैं। इस बारे में हमने गुड़गाव के क्लाउडनाइन अस्पताल की स्त्री विशेषज्ञ डॉक्टर चेतना जैन से बात की।

 

यह भी पढ़ें: बच्चों का फोन यूज़ कैसे कंट्रोल करें? जानें आसान और असरदार तरीके

क्या मेनोपॉज के बाद पीरियड्स आना संभव है?

अगर किसी महिला को लगातार 12 महीने तक पीरियड्स नहीं आए हैं, तो उसे मेनोपॉज माना जाता है। इसके बाद प्राकृतिक रूप से पीरियड्स दोबारा शुरू होना सामान्यत संभव नहीं होता। मेनोपॉज के बाद अगर किसी भी प्रकार की योनि से ब्लीडिंग होती है, तो इसे सामान्य नहीं मानना चाहिए। यह गर्भाशय की परत में बदलाव, पॉलीप, संक्रमण, हार्मोन थेरेपी के प्रभाव या कभी-कभी कैंसर जैसी गंभीर स्थिति का संकेत भी हो सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करवाना आवश्यक है।

क्या प्राकृतिक तरीके से मेनोपॉज को रिवर्स किया जा सकता है?

वर्तमान वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार मेनोपॉज को किसी प्राकृतिक उपाय, घरेलू नुस्खे, योग, मेडिटेशन या सप्लीमेंट्स से रिवर्स नहीं किया जा सकता। मेनोपॉज एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है जिसमें अंडाशय (ओवरी) की कार्यक्षमता धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है। हालांकि, योग, मेडिटेशन, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से इसके लक्षणों जैसे हॉट फ्लैश, तनाव और नींद की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

 

एक अभिनेत्री ने दावा किया कि 40 की उम्र में उन्हें मेनोपॉज हुआ था लेकिन दवाओं और मेडिटेशन से उन्हें पीरियड्स आने लगे। क्या यह संभव है?

 

ऐसे दावों को सामान्य नियम नहीं माना जा सकता। कई बार महिलाओं में समय से पहले पीरियड्स बंद होने का कारण वास्तविक मेनोपॉज नहीं, बल्कि हार्मोनल असंतुलन, अत्यधिक तनाव, वजन में बदलाव या कुछ चिकित्सीय स्थितियां हो सकती हैं। उचित इलाज के बाद ऐसे मामलों में पीरियड्स वापस आ सकते हैं। अगर किसी महिला का वास्तविक और स्थायी मेनोपॉज हो चुका है, तो दवाओं या मेडिटेशन से ओवरी की कार्यक्षमता दोबारा शुरू होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

 

यह भी पढ़ें: क्या फ्रेंच फ्राइज खाने से कैंसर हो सकता है? डॉक्टर से जानें

मेनोपॉज महिलाओं को किस उम्र में आता है?

मेनोपॉज महिलाओं के जीवन का एक प्राकृतिक चरण है, जब अंडाशय हार्मोन बनाना कम कर देते हैं और मासिक धर्म स्थायी रूप से बंद हो जाता है। आमतौर पर यह 45 से 55 वर्ष की उम्र के बीच होता है, जबकि औसत आयु लगभग 50–51 वर्ष मानी जाती है। यदि 40 वर्ष से पहले मेनोपॉज हो जाए, तो इसे प्रीमेच्योर मेनोपॉज या प्राइमरी ओवेरियन इंसफिशिएंसी कहा जाता है और इसके लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक होती है।

मेनोपॉज के लक्षण क्या हैं?

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • मासिक धर्म का अनियमित होना और अंततः बंद हो जाना
  • अचानक गर्मी लगना (हॉट फ्लैश) और रात में अत्यधिक पसीना आना
  • नींद न आना या बार-बार नींद खुलना
  • मूड में बदलाव, चिड़चिड़ापन या चिंता
  • योनि में सूखापन और संभोग के दौरान असुविधा
  • बार-बार पेशाब की समस्या या संक्रमण
  • हड्डियों की कमजोरी (ऑस्टियोपोरोसिस) का खतरा बढ़ना
  • त्वचा और बालों में बदलाव

महिलाओं को स्वस्थ रहने के लिए क्या करना चाहिए?

मेनोपॉज के बाद महिलाओं को अपनी जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना चाहिए। संतुलित आहार लें जिसमें पर्याप्त कैल्शियम, विटामिन D, प्रोटीन, फल और हरी सब्जियां शामिल हों। नियमित रूप से वॉक, योग और स्ट्रेंथ एक्सरसाइज करें ताकि हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत रहें। पर्याप्त नींद लें, तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन या प्राणायाम करें तथा धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचें। समय-समय पर बोन डेंसिटी, ब्लड प्रेशर, शुगर, लिपिड प्रोफाइल और स्तन एवं स्त्री रोग संबंधी नियमित जांच करवाना भी महत्वपूर्ण है। अगर लक्षण बहुत अधिक परेशान कर रहे हों, तो डॉक्टर की सलाह से हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) या अन्य उपचार विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।


और पढ़ें