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पेट से लेकर मेटाबॉलिज्म तक पर असर डालते हैं शुगर फ्री प्रोडक्ट, आज ही छोड़ें

लोगों ने शुगर फ्री प्रोडक्ट्स को अपने लाइफस्टाइल का बड़ा हिस्सा बना लिया है। लोगों को लगता है कि इसमें चीनी नहीं है, कैलोरी नहीं है तो सेहत के लिए फायदेमंद है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: chat gpt

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खराब लाइफस्टाइल की वजह से डायबिटीज, हृदय और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। आज के समय में लोग प्राकृतिक रूप से हेल्दी की चीजों की बजाय मार्केट में आसानी से मिलने वाली चीजों की तरफ ज्यादा ध्यान देते हैं। लोग अपनी डाइट में शुगर और फैट की मात्रा को कम करने के लिए शुगर फ्री चीजों को ज्यादा खरीदते हैं।

 

मार्केट में आपको डाइट कोक, शुगर फ्री बिस्कुट, शुगर फ्री चॉकलेट से लेकर कुकीज और विभिन्न प्रकार के शुगर फ्री ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक मिलते हैं। कंपनियों का दावा है कि इन चीजों को खाने पीने से शरीर में शुगर की मात्रा नहीं बढ़ती है क्योंकि इसमें कैलोरी नहीं है और न ही शुगर है। मगर असलियत इससे बिल्कुल अलग है। शुगर फ्री प्रोडक्ट्स में आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल होता है जो सेहत के लिए खतरनाक है। इस बारे में हमने डाइटिशियन और न्यूट्रीप्लस की डायरेक्टर डॉक्टर अंजलि फाटक से बात की।

 

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डाइटिशियन अंजलि फाटक के मुताबिक इन शुगर फ्री प्रोडक्ट्स में जरूरत से स्वीटनर मिलाया जाता है। ये दो तरह का होता है। एक आर्टिफिशियल और दूसरा अल्कोहल शुगर होता है। आर्टिफिशियल शुगर में एस्पार्टेम, सुक्रालोज और सैकरीन आता है। वहीं अल्कोहल में सॉर्बिटॉल है, जाइलिटोल है, एरिथ्रिटोल है। WHO ने भी इसके लिए चेतावनी दी है कि इनको यूज न करें। अगर आप लंबे समय तक इनका इस्तेमाल करते हैं तो सेहत के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

मेंटल कंफ्यूजन

आर्टिफिशियल स्वीटनर लेने पर दिमाग के अंदर भ्रम रहता है कि आप चीनी नहीं खा रहे हैं क्योंकि ये मीठा नहीं है। मगर आप चीनी से भी ज्यादा खा रहे हैं इसलिए इसकी जो क्रेविंग है 200 से लेकर 600 गुना तक ज्यादा मीठे होते हैं। तो ये जो ये डाइट सोडा या डाइट शुगर की बिस्किट्स आते हैं। इनका स्वाद मतलब आपके जुबान से जाना नहीं चाहिए। इस वजह से आपको मेंटल सेटिस्फेक्शन नहीं होता है इसलिए आप इसे जरूरत से ज्यादा मात्रा में खाते हैं।

पेट संबंधी परेशानियां

ये जो आर्टिफिशियल स्वीटनर्स हैं ये गट हेल्थ या आपके इंटेस्टाइनल बैक्टीरिया का बैलेंस जो है वो सारा गड़बड़ कर देते हैं। तो इससे आपकी ब्लोटिंग, गैस, डाइजेस्टिव सिस्टम से रिलेटेड प्रॉब्लम्स और अदर प्रॉब्लम्स भी बढ़ जाती हैं। जिससे ये क्या करते हैं गुड बैक्टीरिया को भी खराब कर देते हैं। इसके अलावा आपकी इम्यूनिटी पर प्रभाव डालते हैं। आर्टिफिशियल स्वीटनर अगर आप अधिक मात्रा में ले रहे हैं तो इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या हो सकती है जिसकी वजह से डायबिटीज हो सकती है।

 

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इन चीजों से बनाएं दूरी

शुगर फ्री बिस्कुट- शुगर फ्री बिस्कुट में पाम ऑयल यूज करते हैं और सोडियम बहुत ज्यादा होता है जिसकी वजह से बेड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और आपके हार्ट पर प्रभाव पड़ता है। शुगर फ्री के बिस्किट्स में पैकेट पर लिखा हुआ रहता है कि डायबिटिक फैंटरी फ्रेंडली है लेकिन इसमें मैदा, ट्रांस फैट, सोडियम जो कि आपके हार्ट हेल्थ के लिए खराब है। शुगर फ्री मिठाइयां जो कि अभी देखो फेस्टिवल सीजन आएगा तो बहुत चलेंगी।

 

डाइट कोक और शुगर फ्री ड्रिंक्स- डाइट फ्री कोक में कैलोरी 0% है लेकिन एस्पार्टेम और और कैफीन होता है। आप एक तरह से ऐसिड पी रहे हैं। ये आपकी सेहत के लिए जहर की तरह काम करता है। इन चीजों में बिना चीनी के मिठास होती है।

शुगर को इस तरह करें कंट्रोल

आप इन चीजों की जगहर पर गुड़ से, खजूर से वाली चीजों को आप यूज कर सकते हैं। और यदि आप स्पेशली डायबिटिक नहीं हो और वेट लॉस के लिए इसको करें। ऑलवेज चूज हेल्दी लाइफस्टाइल, हेल्दी डाइट प्रैक्टिसेस, नेचुरल फूड फॉर योर डेली लाइफ। ये आर्टिफिशियल मीठा मत खाओ, आपको खाना है तो आप नॉर्मल मीठा खा लो। उसको पोषण कंट्रोल करके खा लो, उसको थोड़ा सा फाइबर के साथ खा लो, उसको डे में खा लो। उसको खाने के बाद पोस्ट मील वॉक कर लो, वो तो हो सकता है। लेकिन आर्टिफिशियल मत खाओ।


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