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अब कम उम्र के लोगों में भी क्यों होने लगी लो ब्लड प्रेशर की समस्या? जानिए कारण

बदलते समय के साथ युवाओं में भी लो ब्लड प्रेशर की समस्या होने लगी है। इसके अलग-अलग कारण हैं और अक्सर इन वजहों को लोग नजरअंदाज करते हैं।

Low Blood pressure in young adults

युवााओं में लो ब्लड प्रेशर, Photo Credit: ChatGPT

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भारत में ब्लड प्रेशर की समस्या पहले बुर्जुगों को होती थी। अब यह समस्या युवााओं में भी देखने को मिलने लगी है। अगर आपको बार-बार चक्कर आते हैं, अचानक कमजोरी महसूस होती है या उठते समय आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें। ये लक्षण लो ब्लड प्रेशर के हो सकते हैं। आम तौर पर, ब्लड प्रेशर 90/60 mm Hg से कम होता है। अक्सर युवा लो ब्लड प्रेशर को मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई युवा ऐसे हैं जिन्हें पता ही नहीं होता कि उनका लो बीपी किसी दूसरी बीमारी या पोषण की कमी की वजह से हो सकता है।

 

हालांकि, इसे हाई ब्लड प्रेशर जितना गंभीर नहीं माना जाता लेकिन बार-बार चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या बेहोशी आना शरीर में छिपी किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। खास बात यह है कि कम उम्र के लोगों में भी इसके पीछे सिर्फ पानी की कमी ही नहीं, बल्कि एनीमिया, विटामिन की कमी, हार्मोनल गड़बड़ी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी छिपी हो सकती हैं। इसलिए इसके कारणों को समझना और जांच कराना बेहद जरूरी है।

 

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डिहाइड्रेशन

मायो क्लीनिक के अनुसार, जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता है तो शरीर में ब्लड की मात्रा कम हो जाती है। इससे ब्लड प्रेशर गिरने लगता है। बुखार, उल्टी, गंभीर दस्त, मूत्रवर्धक दवाओं का ज्यादा सेवन और ज्यादा व्यायाम करना डिहाइड्रेशन का कारण बन सकते हैं।

डाइट में न्यूट्रिएंट्स की कमी

विटामिन बी-12, फोलेट और आयरन की कमी से शरीर रेड ब्लड सेल्स का निर्माण नहीं कर पाता है। इसी कारण शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी से एनीमिया हो सकता है, और यह लो ब्लड प्रेशर का प्रमुख कारण बन सकता है।

खून की कमी

चोट लगने से और इंटरनल ब्लीडिंग के कारण शरीर में ज्यादा खून की कमी हो जाती हैं। इसी कारण से शरीर में ब्लड प्रेशर गिरने लगता है और शरीर में थकान महसूस होती  है।

 

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प्रेगनेंसी

प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले परिवर्तनों के कारण ब्लड वेसेल्स तेजी से फैलती हैं। इन परिवर्तनों से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। प्रेग्नेंसी के पहले 24 हफ्तों में ब्लड प्रेशर कम होना या बढना आम बात है। बच्चे के जन्म होने के बाद, ब्लड प्रेशर आमतौर पर नॉर्मल रेंज पर वापस आ जाता है।

इंफेक्शन

जब शरीर में इंफेक्शन आने लगता है तो इससे ब्लड प्रेशर बहुत तेजी गिरने लगता है। जिसे सेप्टिक शॉक कहते हैं। ब्लड में इंफेक्शन के प्रवेश करने और फैलने से होने वाले संक्रमण को सेप्टिसीमिया भी कहा जाता है।

 

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