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प्रेग्नेंसी डाइट में लोबिया, क्यों है पनीर से ज्यादा फायदेमंद?

प्रेग्नेंसी में लोबिया में पनीर का एक बेहतरीन विकल्प है। रिसर्च यह बताते हैं कि लोबिया में पनीर के मुकाबले आयरन और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो गर्भवती महिलाओं को एनीमिया और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Sora

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प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर को सामान्य से कहीं अधिक न्यूट्रिशन की जरूरत होती है। अक्सर लोग प्रोटीन के लिए पनीर पर निर्भर रहते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोबिया यानी 'ब्लैक-आईड पीज' न्यूट्रिशन के मामले में पनीर को कड़ी टक्कर देता है? प्रोटीन की पूर्ति के लिए अक्सर पनीर को सबसे अच्छा माना जाता है लेकिन पोषण विज्ञान के नजरिए से लोबिया एक 'सुपरफूड' के रूप में उभरता है। जहां पनीर मुख्य रूप से प्रोटीन और फैट का स्रोत है, वहीं लोबिया प्रोटीन के साथ-साथ माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का खजाना है। 


पनीर में कैल्शियम और फैट अच्छी मात्रा में होता है लेकिन इसमें आयरन और फाइबर की भारी कमी होती है। इसके उलट, लोबिया में फोलिक एसिड (फोलेट), आयरन और फाइबर का ऐसा कॉम्बो मिलता है, जो भ्रूण के विकास के लिए अनिवार्य है। यही कारण है कि न्यूट्रिशन एक्सपर्ट अक्सर प्रेग्नेंसी डाइट में दालों और फलियों, खासकर लोबिया को शामिल करने की सलाह देते हैं।


हार्वर्ड टी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिसर्च बताती हैं कि प्रेग्नेंसी डाइट में पौधों पर आधारित प्रोटीन और हाई फाइबर का संतुलन न केवल जेस्टेशनल डायबिटीज के खतरे को कम करता है, बल्कि शरीर में आयरन के लेवल को भी स्थिर रखता है। लोबिया इसी साइंटिफिक नजरिए से पनीर से कहीं आगे निकलता है।

 

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फोलेट का पावरहाउस

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की स्टडीज के अनुसार, गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में फोलेट यानी विटामिन B9 की पर्याप्त मात्रा 'न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स' को रोकने के लिए सबसे जरूरी है। इसकी कमी से भ्रूण की रीढ़ और ब्रेन के विकास में परेशानी होती है। अगर आप अपने डाइट में एक कप पकी हुई लोबिया आपकी रोजाना फोलेट की जरूरत का लगभग 50% से 80% हिस्सा पूरा कर देती है। यहां आपको यह भी समझने की जरूरत है कि पनीर में फोलेट की मात्रा में लगभग न के बराबर होती है। 

फाइबर और डाइजेशन

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की रिपोर्ट बताती है कि प्रेग्नेंसी के दौरान प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के कारण कब्ज एक आम समस्या है। लोबिया में बहुत मात्रा में डायटरी फाइबर होता है, जो आपके डाइजेशन को सुचारू रखता है और ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकता है। वही पनीर या अन्य डेयरी उत्पादों में फाइबर शून्य होता है जो कभी-कभी कब्ज की समस्या को बढ़ा सकता है। 

 

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आयरन का लेवल और एनीमिया

प्रेग्नेंसी में हीमोग्लोबिन बनाए रखना बहुत जरूरी है। लोबिया में नॉन-हीम आयरन प्रचुर मात्रा में होता है। यदि इसे विटामिन-C जैसे नींबू के साथ लिया जाए, तो यह शरीर में खून की कमी को पनीर की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से रोकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि पनीर में आयरन बहुत कम होता है और इसमें मौजूद कैल्शियम आयरन के अवशोषण को कम कर सकता है।

जेस्टेशनल डायबिटीज और वजन

लोबिया का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है  जो कि एक 'लीन प्रोटीन' स्रोत है। 'द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन' की रिसर्च के अनुसार, कम GI वाले खाने की चीजों में प्रेग्नेंसी के दौरान वजन को कंट्रोल रखने और डायबिटीज से बचाने में सहायक होते हैं। पनीर में सैचुरेटेड फैट अधिक होता है, जिसका अधिक सेवन कैलोरी काउंट बढ़ा सकता है।


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