आजकल बहुत से लोग रात में ठीक से सो नहीं पाते। कुछ लोगों को बिस्तर पर जाने के बाद भी लंबे समय तक नींद नहीं आती जबकि कुछ लोग रात में बार-बार जाग जाते हैं। कई बार लोग इसे सिर्फ तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन हर बार वजह एक जैसी नहीं होती। कई लोगों में ज्यादा चिंता और घबराहट की वजह से नींद खराब होती है जबकि कुछ लोग अनिद्रा की समस्या से परेशान होते हैं। दोनों का असर नींद पर पड़ता है लेकिन दोनों अलग चीजें हैं।
घबराहट में इंसान का दिमाग लगातार किसी ना किसी बात में उलझा रहता है। घबराहट होने पर कई लोगों को दिल की धड़कन तेज लगती है, बेचैनी महसूस होती है, अचानक डर लगता है या दिमाग में एक ही बात बार-बार घूमती रहती है। यही वजह है कि रात में नींद टूटती रहती है या देर से नींद आती है।
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अनिद्रा का मतलब है नींद से जुड़ी ऐसी परेशानी जिसमें इंसान चाहकर भी ठीक से सो नहीं पाता। कई लोगों को देर रात तक नींद नहीं आती कुछ लोगों की नींद थोड़ी देर में टूट जाती है और फिर दोबारा नींद नहीं आती।
घबराहट और अनिद्रा में फर्क क्या है?
घबराहट में असली समस्या ज्यादा चिंता और बेचैनी होती है जिसकी वजह से नींद खराब होती है। जबकि अनिद्रा में मुख्य परेशानी खुद नींद की होती है। यानी इंसान सोना चाहता है लेकिन फिर भी नींद नहीं आती या बार-बार टूट जाती है। कई बार दोनों समस्याएं साथ में भी हो सकती हैं। ज्यादा चिंता की वजह से अनिद्रा शुरू हो सकती है और लगातार खराब नींद की वजह से घबराहट और बढ़ सकती है।
नींद के आसान घरेलू उपाय
1.रोज एक तय समय पर सोने और उठने की आदत बनाने से नींद बेहतर हो सकती है। जब सोने का समय रोज बदलता रहता है तो शरीर की नींद की आदत बिगड़ सकती है।
2. रात में ज्यादा चाय, कॉफी या कैफीन वाली चीजें लेने से नींद आने में परेशानी हो सकती है। कोशिश करनी चाहिए कि शाम के बाद ऐसी चीजें कम ली जाएं।
3. सोने से पहले गुनगुना दूध पीना कई लोगों को आराम महसूस करा सकता है। दूध में ऐसे एलिमेंट पाए जाते हैं जो शरीर को शांत करने में मदद कर सकते हैं।
4. केला, बादाम और अखरोट जैसी चीजें भी नींद के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। इनमें ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को आराम देने में मदद कर सकते हैं।
5. सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल करने से भी नींद खराब हो सकती है। स्क्रीन की तेज रोशनी दिमाग को जागे रहने का मैसेज देती है।
6. हल्का म्यूजिक सुनना, गहरी सांस लेना, ध्यान करना या थोड़ी देर शांत बैठना दिमाग को आराम देने में मदद कर सकता है।
7. सुबह की सैर, हल्की कसरत और धूप लेना भी नींद की आदत को बेहतर बनाने में मदद करता है।
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कब डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए?
अगर घरेलू उपाय करने के बाद भी कई हफ्तों तक नींद की समस्या बनी रहे या इसका असर रोज की जिंदगी पर दिखने लगे तो डॉक्टर या साइकेट्रिस्ट से सलाह जरूरी ले।