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घूमना भी है लेकिन ऑफिस के काम और लैपटॉप के साथ, बढ़ रहा वर्कएक्शन कल्चर का चलन

अब लोग काम और घूमना एक साथ पसंद कर रहे हैं जहां युवा अपनी कार में लैपटॉप लेकर 'वर्कएक्शन' पर निकल रहे हैं और सफर का नया अनुभव ले रहे हैं।

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आजकल लाइफस्टाइल और काम करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। लोग अब ऑफिस की कुर्सी पर बैठकर काम करने के बजाय लैपटॉप और बैग लेकर घूमने निकल रहे हैं। इसे 'वर्कएक्शन' कहा जाता है। जूमकार की 'ट्रैवल ट्रेंड्स 2025' रिपोर्ट बताती है कि 2025 में भारत के लोग काम के साथ सफर का आनंद लेने में सबसे आगे हैं। अब काम की बंदिशें खत्म हो रही हैं और लोग कहीं से भी अपना काम पूरा करते हुए नई जगहों को एक्सप्लोर कर रहे हैं।

 

आज के समय में लोग लंबी छुट्टियों के बजाय छोटे सफर करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। साल 2025 में 71% ट्रिप्स दो दिनों से कम की रहीं जबकि 2023 में यह आंकड़ा 66% था। वहीं, लोग अब 7 दिन से ज्यादा की लंबी यात्राओं पर भी निकल रहे हैं जिनमें 28% की बढ़ोतरी हुई है। त्यौहारों के दौरान, जैसे कि होली, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती के समय तो बुकिंग में आम दिनों के मुकाबले 125% की भारी उछाल देखी गई है।

 

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Gen Z का नया अंदाज

नई पीढ़ी यानी Gen Z इस लाइफस्टाइल को अपनाने में सबसे आगे है। 18 से 25 साल के युवाओं का कुल यात्राओं में हिस्सा 2024 के 22% से बढ़कर 2025 में 31% हो गया है। यह युवा पीढ़ी अकेले सफर करने और भीड़-भाड़ से दूर शांत जगहों पर जाने में ज्यादा दिलचस्पी ले रही है। उनके लिए अब सफर सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि अपनी पसंद की जगह से काम करना भी है।

 

सफर के दौरान आराम को प्राथमिकता देते हुए लोग अब बड़ी गाड़ियां ज्यादा चुन रहे हैं। SUVs की बुकिंग 30% से बढ़कर 36% हो गई है जबकि छोटी हैचबैक कारों की मांग 57% से घटकर 51% रह गई है। लैपटॉप और अन्य सामान के साथ चलने के लिए लोगों को बड़ी गाड़ियां ज्यादा पसंद आ रही हैं। साथ ही 6 से 7 सीटों वाली गाड़ियों की बुकिंग भी 16% से बढ़कर 18% तक पहुंच गई है।

छोटे शहरों में बढ़ रही रफ्तार

वर्कएक्शन का यह असर अब सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रहा है। टायर 2 शहरों में बुकिंग 30% और टायर 3 शहरों में 14% तक बढ़ी है। जयपुर, इंदौर, सिलीगुड़ी और मदुरै जैसे शहरों में जबरदस्त ग्रोथ देखी गई है। कुल मिलाकर, जूमकार की बुकिंग वित्तीय वर्ष 2024 में 3,88,000 थी, जो वित्तीय वर्ष 2025 में बढ़कर 4,27,000 हो गई है।

 

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आजकल लोग चाहते हैं कि गाड़ी उनके घर पर ही मिले, इसलिए घर पर कार की डिलीवरी लेने वालों की संख्या में 33% की बढ़ोतरी हुई है। लोग कार शेयरिंग पर काफी भरोसा भी जता रहे हैं। इसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि 2025 में 80% ट्रिप्स को 4-स्टार या उससे ज्यादा की रेटिंग मिली है जो 2023 में 76% थी। ज़ूमकार के बिजनेस हेड अभिलाष कासलीवाल का कहना है कि अब सेल्फ-ड्राइव केवल घूमने का साधन नहीं बल्कि पेशेवरों के लिए एक जरूरी लाइफस्टाइल बन चुका है।

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