दिल्ली में आज संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार ने सभी राजनीतिक दलों की सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक शुरू होते ही विपक्षी दलों ने कुछ मिनटों के लिए बैठक का बहिष्कार कर दिया। दरअसल, सरकार ने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) को भी इस बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया था। विपक्षी इस बात पर नाराज हो गए।
विपक्ष का आरोप है कि जिस पार्टी को अभी तक आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है, उसे सरकार ने सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का निमंत्रण क्यों दे दिया। इसी के विरोध में विपक्ष ने कुछ देर के लिए बैठक का बहिष्कार किया। हालांकि, वॉकआउट सांकेतिक था। विपक्षी सांसद दोबारा मीटिंग में शामिल हुए।
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बैठक में एनसीपीआई को बुलाने पर हंगामा
इस मीटिंग की अध्यक्षता
राजनाथ सिंह
कर रहे थे। बैठक में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, DMK सहित 10 से ज्यादा विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। इस सर्वदलीय बैठक में सरकार ने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) को भी बुलाया था। विपक्ष इसी का विरोध कर रहे थे। उनका सवाल था कि सरकार ने TMC के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में क्यों बुलाया, जिसे स्पीकर ओम बिरला ने अभी तक मान्यता नहीं दी है।
बता दें कि जून में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के करीब 20 सांसद इस पार्टी में शामिल हो गए थे। अभी तक इस विलय को लोकसभा अध्यक्ष की मंजूरी नहीं मिली है। इसके अलावा संसद की वेबसाइट पर भी ये सांसद अब भी टीएमसी के सदस्य ही दर्ज हैं।
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सौगत रॉय और काकोली घोष ने क्या कहा?
TMS सांसद सौगत रॉय ने कहा कि जिस पार्टी को अभी आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है, उसे सर्वदलीय बैठक में बुलाना सही नहीं है। कांग्रेस के नेता प्रमोद तिवारी ने भी इसका विरोध किया। उन्होंने कहा विपक्ष ने इसी वजह से कुछ देर के लिए बैठक का प्रतीकात्मक बहिष्कार किया।
वहीं, एनसीपीआई की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी के विलय की प्रक्रिया में समय लगता है। जल्द ही सभी जरूरी दस्तावेज लोकसभा अध्यक्ष को सौंप दिए जाएंगे।
दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद के सुचारु संचालन में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा- संसद सभी की है, हंगामे से किसी का फायदा नहीं।
मानसून सत्र में उठाए जाएंगे अहम मुद्दे
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। आज की बैठक में विपक्ष ने कहा कि वह मानसून सत्र के दौरान नीट पेपर लीक, किसानों के मुद्दे, राम मंदिर चंदा घोटाला, पेट्रोल में ई-20 मिश्रण और परिसीमन जैसे कई मुद्दे संसद में उठाएगा।