कॉकरोच जनता पार्टी
(CJP) ने शुक्रवार यानी 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम का आह्वान किया। उससे पहले ही एनडीएमसी ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को दो दिन के लिए बंद रखने का नोटिस जारी कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने कार्यक्रम को रोकने के लिए कई स्तर पर तैयारी की। केंद्रीय बलों के साथ हजारों पुलिसकर्मियों को नई दिल्ली क्षेत्र में तैनात किया गया।
पुलिस ने 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम में शामिल होने आने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर दूर दराज के इलाको में छोड़ने के लिए सैकड़ों बसों, ट्रैवलर और कार का इंतजाम किया है। इसमें दिल्ली ट्रांसपोर्ट कोरोपोरेशन (DTC), खुद पुलिस की गाड़ियां, प्राइवेट बस और प्राइवेट ट्रैवलर को शामिल किया गया। दिल्ली पुलिस इन वाहनों को रोजाना के हिसाब से पैसे का भुगतान कर रही है।
यह भी पढ़ें: 'छात्रों की आड़ में सत्ता बदलने की साजिश', राहुल गांधी पर भड़के धर्मेंद्र प्रधान
एक प्राइवेट ट्रैवलर चलाने वाले ड्राइवर ने बात करते हुए बताया कि उनका ट्रैवलर 8 अक्टूबर से ही पुलिस ड्यूटी में है। दिल्ली पुलिस उनको प्रति दिन के हिसाब से पैसे का भुगतान कर रही है। उन्हें प्रतिदिन 8,000 हजार रुपये मिलते हैं।
12 हजार रुपये बस का किराया
उन्होंने बताया कि ट्रैवलर के अलावा पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बैठाने के लिए प्राइवेट और सरकारी बसों को किराये पर लिया है। इसमें बसों का प्रतिदिन का किराया 12,000 हजार रुपये है। प्राइवेट अर्टिगा कार को भी हायर किया गया है। इनका किराया अलग है।
यह भी पढ़ें: UP: सुजलाम शक्ति समूह से जुड़ीं 5 लाख महिलाओं ने की 1.43 करोड़ जल नमूनों की जांच
इन इलाकों में खड़े हैं वाहन
ड्राइवर ने बताया कि कनॉट प्लेस के अलावा पूरे नई दिल्ली एरिया, इंडिया गेट, अशोका रोड, अकबर रोड, बाराखंभा रोड, पंचकुइयां रोड आदि जगहों पर भी किराए पर लिए गए वाहन चक्कर काट रहे हैं या फिर खड़े किए गए हैं। बड़े से लेकर छोटे वाहनों को किराया अलग-अलग रखा गया है। दिल्ली पुलिस इन गाड़ियों पर रोजाना लाखों रुपये खर्च कर रही है।
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने लोगों से इस इलाके से दूर रहने की अपील की है और निषेधाज्ञा का हवाला दिया। ट्रैफिक पुलिस ने भी कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका अपनी एडवाइजरी में जताई है।