निशु आजाद, स्वतंत्र भरद्वाज का पंगा क्या, विपक्ष-CJP को क्यों साथ आना पड़ा?
स्वतंत्र भारद्वाज का एक पुराना पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें उसने CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले की बात कबूली है। तब से यह विवाद और बढ़ गया। पढ़ें क्या है पूरा मामला?

राहुल गांधी, स्वतंत्र भारद्वाज और नीशू आजाद के पिता, Photo Credit-Chat GPT
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जून महीने में हुए एक कथित मारपीट मामले ने फिर तूल पकड़ लिया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम शुक्रवार सुबह पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंची और एक्टिविस्ट स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह मामला बढ़ा, जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पुराना पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पॉडकास्ट में उसने कथित तौर पर CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले की बात कही। उसने कहा कि उसने संजय कुमार की खोपड़ी फोड़ दी थी।
जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान संगठन से जुड़ी छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमला हुआ था, जिसमें उनके सिर पर चोट आई। घटना के वक्त सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने मौके से हिरासत में लिया था। यह दोनों खुद को हिंदुत्व से जुड़े इन्फ्लुएंसर बताते हैं।
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क्या है पूरा विवाद?
23 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जब CJP का विरोध-प्रदर्शन हो रहा था, इसी प्रदर्शन के दौरान संगठन से जुड़ी छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमला हुआ, जिसमें उनके सिर पर चोट आई। मामला महीनों बाद फिर सुर्खियों में आया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पुराना पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि उसने संजय कुमार की खोपड़ी फोड़ दी थी और उन्हें 60 टांके लगे। इस क्लिप को राहुल गांधी समेत कई नेताओं और लोगों ने सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसके बाद यह राजनीतिक विवाद बन गया।
कब, क्या हुआ?
- 23 जून 2026: जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हाथापाई में गाजियाबाद के रहने वाले संजय कुमार के सिर पर चोट आई। मौके से सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में लिया गया।
- FIR दर्ज हुई, लेकिन कार्रवाई नहीं: निशु आजाद के अनुसार, परिवार ने भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी, लेकिन डेढ़ महीने तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
- सितंबर की शुरुआत में स्वतंत्र भारद्वाज का एक पुराना पॉडकास्ट क्लिप वायरल हुआ, जिसमें उसने निशु के पिता पर हमले की बात कबूली।
- निशु आजाद X पर एक वीडियो जारी कर आरोप दोहराया कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, और न्याय के लिए राहुल गांधी से मदद मांगी।
- 3 सितंबर 2026: CJP प्रवक्ता सौरव दास ने X पर पोस्ट कर धारा 307 (हत्या का प्रयास) लगाने की मांग की।
- 3 सितंबर 2026: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने X पर हिंदी में लिखा कि निशु, घबराने की जरूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूं।
- 4 सितंबर 2026 (आज): स्वतंत्र भारद्वाज ने ANI से बातचीत में सफाई दी कि यह हमला नहीं, आत्मरक्षा थी, 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था, पुलिस मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोट नहीं बताई गई। CJP की टीम (सौरव दास, आशुतोष रांका) पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंची और कार्रवाई की मांग की।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
निशु, घबराने की जरूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूं। साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक की आवाज उठाती हो। अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है। नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे? निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता। जय भीम। जय संविधान। राहुल गांधी
https://twitter.com/RahulGandhi/status/2095512261058330941
कहां से शुरू हुआ विवाद?
घटना 23 जून 2026 को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में हुई, इसमें गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के निवासी संजय कुमार घायल हुए थे। उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के RML अस्पताल ले जाया गया, और मामले की FIR भी दिल्ली में ही दर्ज हुई। विवाद बढ़ने पर 4 सितंबर 2026 को CJP की टीम पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना, नई दिल्ली पहुंची और कार्रवाई की मांग की। वहीं उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी सफाई दी है।
स्वतंत्र भारद्वाज की सफाई
स्वतंत्र भारद्वाज ने सफाई देते हुए कहा कि जिसको वो लोग हमला का रूप दे रहे हैं, वह हमला नहीं था। वह सेल्फ डिफेंस था। अगर हम सेल्फ डिफेंस में ऐसा नहीं करते तो उस दिन मेरा मॉब लिंचिंग हो सकता था।
कौन-कौन हैं इस विवाद में शामिल?
इस विवाद में मुख्य रूप से हमले में घायल हुए संजय कुमार और उनकी बेटी निशु आजाद हैं, जो एक छात्र-कार्यकर्ता, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। दूसरी तरफ आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार हैं, जो खुद को हिंदुत्व से जुड़ा इन्फ्लुएंसर बताते हैं। CJP प्रवक्ता सौरव दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी ने निशु का समर्थन किया और अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री) व दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए। स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने बचाव में दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा का नाम लिया है, जिनके प्रभाव से जेल से बचा है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान झड़प हुई, जिसमें संजय कुमार के सिर पर चोट लगी। पुलिस के मुताबिक यह चोट हल्की थी और एक आरोपी के हाथ के कड़े से लगी थी। मौके से स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को पुलिस पकड़ ले गई। डेढ़ महीने तक इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। फिर भारद्वाज का एक पुराना पॉडकास्ट सामने आया, जिसमें उसने खुद कहा कि उसने संजय कुमार पर हमला किया, उसने कहा मैने खोपड़ी फोड़ी उन्हें 60 टांके लगे।
https://twitter.com/NationalDastak/status/2095396722608648488
स्वतंत्र भारद्वाज ने यह भी कहा राजनीतिक रसूख व नेताओं के फोन के कारण उसे जेल नहीं जाना पड़ा। इसी वीडियो के सामने आने के बाद फिर मामले ने तूल परड़ लिया। निशु आजाद ने राहुल गांधी से मदद मांगी, राहुल ने सपोर्ट किया और सवाल उठाए। फिर CJP थाने पहुंची और सख्त कार्रवाई की मांग की, जबकि भारद्वाज ने कहा कि उसने सिर्फ आत्मरक्षा में किया, हमला नहीं।
अब आगे क्या?
4 सितंबर 2026 को CJP की टीम सौरव दास और आशुतोष रांका के नेतृत्व में दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंची और भारद्वाज के खिलाफ सख्त धारा 307 (हत्या का प्रयास) जोड़ने की मांग की। CJP का कहना है कि आरोपी के खुले कबूलनामे के बावजूद पुलिस ने अब तक कार्रवाई नहीं की। इस मामले में भारद्वाज ने आत्मरक्षा की बात दोहराई और जांच में सहयोग का भरोसा दिया। अब सबकी नजर इस पर है कि पुलिस आगे कौन सी धाराएं जोड़ती है।
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