केंद्र सरकार ने पूरे भारत में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को अपनाने में तेजी लाने के लिए नेशनल PNG ड्राइव 3.0 शुरू किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 1 अक्टूबर को इस अभियान की शुरुआत की है। 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक चलने वाले इस ड्राइव का लक्ष्य है, 50 लाख नए घरेलू PNG कनेक्शन देना और उन 40 लाख यूजर्स को एक्टिव करना, जिनका पुराना कनेक्शन है और वे इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, PNGRB, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां, सरकारी तेल कंपनियां और इससे जुड़ी दूसरी संस्थाएं मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगी। पढ़ें निष्क्रिय PNG कनेक्शन को कैसे एक्टिव किया जाएगा, घरों तक PNG गैस पहुंचाने को लकर सरकार की क्या योजना है।
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नेशनल PNG ड्राइव 3.0 का लक्ष्य
सरकार ने 1 अक्टूबर से नेशनल PNG ड्राइव 3.0 शुरू किया है, जो 31 मार्च 2027 तक चलेगा। इसमें 50 लाख नए घरों में PNG कनेक्शन देने का लक्ष्य है। इसके साथ ही 40 लाख ऐसे कनेक्शन चालू कराए जाएंगे, जो लगे तो हैं लेकिन इस्तेमाल में नहीं हैं। इसके अलावा, 50 लाख और लोगों का रजिस्ट्रेशन भी कराया जाएगा। यह पहल दूसरे फेज़ पर आधारित है, जो 1 जनवरी से 30 जून, 2026 तक चला था, और इसमें लगभग 13.4 लाख बिल वाले कनेक्शन जोड़े गए, जबकि 15.3 लाख से ज़्यादा घरेलू PNG रजिस्ट्रेशन हुए।
18 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, अभी देश में 1.74 करोड़ घरों में PNG कनेक्शन हैं। वहीं गैस कंपनियों को 309 इलाकों में पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने की मंजूरी मिली हुई है। 1 सितंबर से एक अलग योजना भी चल रही है, जिसमें बेकार पड़े कनेक्शन को चालू कराने पर कंपनियों को फायदा मिलेगा। इस बार छोटे शहरों और गांवों तक PNG पहुंचाने पर भी जोर रहेगा।
केंद्र ने राज्यों से PNG अपनाने में तेज़ी लाने के लिए कहा,
LPG
से गैस में बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए ज़िला-लेवल के अधिकारियों से कहा तीसरे फेज में मौजूदा सिटी-गैस इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल को बेहतर बनाने पर फोकस किया जाएगा। सरकार नए जुड़े इलाकों, खासकर सेमी-अर्बन और ग्रामीण मार्केट में PNG अपनाने में तेजी लाने की भी योजना बना रही है।
देश भर में लगभग 6.9 लाख इंच किलोमीटर पाइपलाइन
PNGRB के मुताबिक, देश भर में लगभग 6.9 लाख इंच किलोमीटर पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर बिछाया गया है, जिसमें लगभग 2.5 लाख इंच-किमी स्टील पाइपलाइन और 4.42 लाख इंच किमी MDPE पाइपलाइन शामिल हैं। इस नेटवर्क में लगभग 1.3 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन को सपोर्ट करने की क्षमता है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में, पुरी ने कहा, 'इससे प्राइमरी एनर्जी मिक्स में नैचुरल गैस का हिस्सा अभी के लगभग 6% से बढ़ाने के भारत के विजन को मजबूती मिलेगी, साथ ही एक साफ, भरोसेमंद और सस्ता एनर्जी सोर्स मिलेगा।'
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सरकार क्यों बढ़ाना चाहती है PNG का इस्तेमाल?
सरकार का मकसद देश के एनर्जी मिक्स यूज यानी ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को बढ़ाना है। मौजूदा समय में भारत के प्राथमिक ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी करीब 6% है। PNG Drive 3.0 के जरिए घरेलू स्तर पर LPG के बजाय पाइप वाली गैस के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के साथ मौजूदा गैस नेटवर्क का ज्यादा प्रभावी इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए सरकार ने निकाला रास्ता
1 सितंबर 2026 से घरेलू PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने की प्रोत्साहन योजना लागू की है, जिसका मकसद बिना बिल वाले यानी निष्क्रिय कनेक्शन को चालू कराना और नए इलाकों में नेटवर्क बढ़ाना है। इसका फायदा सीधे उपभोक्ताओं को नहीं, बल्कि सिटी गैस वितरण (CGD) कंपनियों को मिलेगा। हर भौगोलिक क्षेत्र के लिए कनेक्शन की न्यूनतम सीमा तय है। ऐसे में इससे ऊपर जुड़ने वाले हर अतिरिक्त बिल वाले घरेलू कनेक्शन पर कंपनी को 200 SCM सस्ती घरेलू गैस (APM गैस) अतिरिक्त मिलेगी।
यह गैस उस महंगी LNG की जगह इस्तेमाल होगी, जो कंपनियां अभी CNG के लिए खरीदती हैं। इससे उनकी लागत घटेगी। सरकार का दावा है कि इससे कनेक्शन पर हुए खर्च की वसूली का समय करीब 10 साल से घटकर लगभग 3 साल रह सकता है।