logo

मूड

ट्रेंडिंग:

पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं, भावनाओं को समझते हैं- सुप्रीम कोर्ट

पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और CAQM की आलोचना की। शीर्ष अदालत ने कहा कि आदेश केवल मजाक न बनें और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट। (Photo Credit: PTI)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की आलोचना की। त्योहारों के आसपास पटाखों से जुड़े नियमों को लागू करने में नाकाम रहने पर शीर्ष अदालत ने कहा कि अधिकारियों को इस मुद्दे पर गंभीरता से काम करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक आदेश को जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया जाता है तब तक निर्देश जारी करने का कोई मतलब नहीं है। यह सिर्फ मजाक बनकर रह जाते हैं। 

 

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पटाखों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की सुनवाई की। पीठ ने कहा कि इसका संबंध हर जीवित प्राणी से है। शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट किया कि वह पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है। 

 

यह भी पढ़ें: क्या कतर की फंडिंग ने नेतन्याहू को हराया, इजरायल चुनाव में अब तक क्या-क्या हुआ?

 

केंद्र सरकार की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। ऐश्वर्या भाटी से पीठ ने कहा, 'हम हर साल आदेश जारी करते हैं और वे केवल सैद्धांतिक चर्चा बनकर रह जाते हैं। अदालत के तौर पर हम संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन आपको भी कुछ करना होगा।'

सरकार ने बताई अपनी योजना

ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस साल व्यापक योजना बनाई है। नवंबर से कई उपाय लागू किए जाएंगे। इनमें पुराने वाहनों पर पाबंदियां, निर्माण-तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक और दिल्ली में दफ्तरों की टाइमिंग में चरणबद्ध बदलाव शामिल हैं। यह भी बताया कि पटाखों में बेरियम के इस्तेमाल से संबंधित मुद्दे पर आंतरिक विचार-विमर्श चल रहा है। ऐश्वर्या भाटी ने शीर्ष अदालत से तीन सप्ताह का समय मांगा ताकि इस मुद्दे पर विचार विमर्श पूरा किया जा सके।

दिल्ली सरकार से अदालत ने क्या पूछा?

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार से पूछा, 'आपने असल में क्या किया? जब तक आप हमें यह नहीं बता सकते कि आपने क्या किया है, ऑर्डर पास करने का क्या मतलब है? तब यह मजाक बन जाता है।'

 

यह भी पढ़ें: 'बचकाने हो गए हैं हमारे PM...', पवन खेड़ा ऐसा क्यों कहने लगे?

'पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं'

पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर अधिकाकारियों को गंभीरता से कार्रवाई करनी होगी। पटाखे जलाने के संबंध में शीर्ष अदालत ने कहा, 'आप जन जागरूकता फैलाने के लिए खिलाड़ियों और अन्य प्रमुख हस्तियों की सेवाएं क्यों नहीं लेते?'

 

 पीठ ने यह भी कहा, 'आपको इस पर वास्तव में नियंत्रण करना होगा। हम हर साल संतुलन बनाने का प्रयास करते हैं, लेकिन सभी का सहयोग नहीं मिलने पर ऐसा नहीं किया जा सकता। हम जनता की भावनाओं को भी समझते हैं। हम पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन हमें बहुत सख्त रुख अपनाने के लिए मजबूर न करें।'

Related Topic:#supreme court

और पढ़ें