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'इंस्टा नहीं, सदन में बोलिए...', PM के वीडियो संदेश पर कांंग्रेस नाराज क्यों?

विपक्ष ने मांग की है कि धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें और जंतर मंतर पर बैठे छात्रों की सारी बातें मानी जाएं। पढ़े रिपोर्ट।

Rahul Gandhi

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे। Photo Credit: PTI

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने NEET -UG 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश की आलोचना की। मल्लिकार्जुन खड़गे ने मांग की है कि प्रधानमंत्री संसद में बयान दें, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करें और प्रदर्शन कर रहे छात्रों से माफी मांगें।

कांग्रेस की मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंस्टाग्राम पर लोगों को संबोधित करने की जगह, संसद में अपनी बात रखें और विपक्ष के सवालों का जवाब दे। विपक्ष चाहता है कि धर्मेंद्र प्रधान, शिक्षा मंत्री के तौर पर अपने पद से इस्तीफा दें और विभागीय जांच का सामना करें।

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'संसद के पटल पर अपना पक्ष रखें PM'

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'जब संसद चल रही होती है तो प्रधानमंत्री को संसद के पटल पर बयान देना होता है, देर रात एक वीडियो बनाकर, संसद के बाहर एकतरफा मन की बात नहीं करनी होती।'

मल्लिकार्जुन खड़गे, अध्यक्ष, कांग्रेस:-
'आज संसद में आने से पहले, धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कर के आइएगा। पहले छात्रों से माफी मांगिए और जिन्होंने लाठी-डंडे-पैलेट गन का इस्तेमाल छात्रों की आवाज दबाने के लिए करवाया है उन पर कड़ी कार्यवाही कीजिए। फिर हम शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत बहस के लिए तैयार हैं।'

सोनिया गांधी ने क्या कहा?

कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया है कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था के पतन के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन और जवाबदेही की मांग कर रहे छात्रों को नरेन्द्र मोदी सरकार देश के शत्रु की तरह पेश कर रही है और उनकी आवाज दबाने के लिए दमनकारी ताकत का इस्तेमाल कर रही है।

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सोनिया गांधी, नेता, संसदीय दल, कांग्रेस:-
मोदी सरकार ने प्रदर्शनकारियों की बहादुरी का जवाब कायरता और निर्मम क्रूरता से दिया है, उनके साथ भविष्य के कर्णधारों की तरह नहीं, बल्कि देश के शत्रुओं की तरह व्यवहार किया है। इसने हमारी सामूहिक अंतरात्मा को झकझोर दिया है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदर्शनकारियों से क्या कहा है?


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार देर रात एलान किया कि अगले हफ्ते संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान होंगे। प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा कि विधेयक के मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी, जिसमें प्रस्तावित कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा।

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री:-
मंत्रिमंडल शुक्रवार को प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर चर्चा करेगी और मंत्रिपरिषद के सहयोगियों के सुझावों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सोमवार को जब संसद के मॉनसून सत्र का दूसरा हफ्ता शुरू होगा तो प्रश्नपत्र लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई के प्रावधानों वाला एक विधेयक लाया जाएगा और हम उसे जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश करेंगे।

पीएम मोदी ने कहा, 'दोषियों को पकड़ लिया गया है। वे अब जेल में हैं। हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिशचित करना था कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। तुरंत परीक्षा कराना आवश्यक था। सभी संसाधनों का इस्तेमाल करके, सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि 22 लाख छात्र दोबारा परीक्षा में शामिल हो सकें।'

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प्रदर्शनकारी और विपक्ष पार्टियां क्या कह रही हैं?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की। CJP ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की ओर से उठाया जाने वाला सबसे कड़ा कदम प्रधान को पद से हटाना होगा।

आशुतोष रांका, प्रवक्ता, CJP:-
मोदी जी, कल धर्मेंद्र प्रधान को हटा दीजिए। यह आपके द्वारा की जा सकने वाली सबसे सख्त कार्रवाई होगी।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेताओं ने कहा है कि हर हाल में धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। बिना इस्तीफे के कोई चर्चा नहीं होगी। 


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