शिक्षा मंत्रालय ने परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.O के आंकड़े जारी किए हैं। भारत की शिक्षा व्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। भारत में 14.67 लाख से ज्यादा स्कूल हैं, 1.03 करोड़ से ज्यादा शिक्षक हैं और करीब 24.72 करोड़ छात्र हैं।
ये छात्र अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं। परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2026 के आंकड़े बताते हैं कि केंद्र शासित प्रदेशों में स्कूलों की स्थिति, राज्यों की तुलना में ज्यादा बेहतर हैं।
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क्या कह रहे हैं आंकड़े?
सबसे ऊंचा ग्रेड भी उस बार उत्तर-3 की कैटेगरी में रहा है। कोई राज्य उत्कर्ष, उत्तम 1 या उत्तम दो श्रेणी तक पहुंच ही नहीं सका। चंडीगढ़ इकलौता ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है, जिसने उत्तम 3 रैंक हासिल किया है। इंडेक्स में इसे 766 अंक मिले हैं। प्रचेष्टा का मतलब उन राज्यों से हैं, जिन्हें बेहतर श्रेणी में काम करने की दिशा में कोशिश करते दिखे हैं।
- प्रचेष्टा-1: दादरा, नागर वेली और दमन दीव, पंजाब, केरल, दिल्ली
- प्रचेष्टा-2: लक्षद्वीप, हिमाचल प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र, ओडिशा
- प्रचेष्टा-3: अंडमान और निकोबार, तमिलनाडु, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात, हरियाणा, तेलंगाना, कर्नाटक, लद्दाख, राजस्थान, पुडुचेरी, उत्तराखंड
- आकांक्षी 1: उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, बिहार, त्रिपुरा, झारखंड, मिजोरम, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय
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राज्यों और केंद्र शासित के बीच असमानता की स्थिति क्यों है?
- चंडीगढ़: 766 PGI (सबसे ज्यादा)
- मेघालय: 525.7 (सबसे कम)
चंडीगढ़ और मेघालय के बीच का अंतर 240.3 अंक से ज्यादा है। यह अंतर 2017-18 में 51 प्रतिशत था, जो अब घटकर 2025-26 में 31.4 फीसदी रह गया।
डोमेन के आधार पर कौन से राज्य बेहतर हैं? सीखने के नतीजों के आधार पर
- उत्तम 3: पंजाब
- उत्कर्ष: केरल
परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स क्या है?
परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) को भारत सरकार का स्कूल शिक्षा विभाग (DoSE&L) तैयार करता है। यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूली शिक्षा प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है।
PGI क्या है?
साल 2017 में शिक्षा के मुल्यांकन और सुधार के लिए इस इंडेक्स की शुरुआत की गई थी। देश में करीब 14.67 लाख स्कूल, 1.03 करोड़ शिक्षक और 24.72 करोड़ छात्र हैं। नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के बाद इसे अपडेट किया गया। इस इंडेक्स में राज्यों को रैंक नहीं, बल्कि ग्रेड दिए जाते हैं ताकि किसी राज्य को नीचे की रैंक मिलने का कलंक न लगे, भले ही उसका प्रदर्शन स्थिर रहा हो या सुधरा हो।
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कैसे तैयार होता है PGI?
PGI 2.0, 70 इंडिकेटर्स पर आधारित होता है। यह 5 पोर्टल और सर्वे से लिए गए आंकड़ों का विश्लेषण करता है। सबसे ज्यादा इंडिकेटर यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकशन प्लस (UDISE+) से लिए जाते हैं। इनके कई पैमाने होते हैं। USIDE से इक्सिविटी, गवर्नेंस, टीचर ट्रेनिंग जैसे क्षेत्रों में आंकड़े लिए जाते हैं।
PARAKH राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 से शैक्षणित प्रशिक्षण और इक्विटी के 17 इंडिकेटर, पीएम पोषण पोर्ट के 2 इंडिकेटर, प्रबंधन पोर्टल से 5 इंडिकेटर विद्यांजलि का 1 इंडिकेटर की मदद से इसे तैयार करते हैं। कुल 1000 अंक होते हैं। नई रिपोर्ट में भी यह इशारा किया गया है कि कई राज्यों में व्यापक सुधार की जरूरत है।