प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। केंद्रीय एजेंसी ने टीएमसी के तीन बैंक खाते में जमा 440 करोड़ रुपये को फ्रीज करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई है। इसके बाद टीएमसी अपने बैंक खाते से लेन-देन नहीं कर पाएगी।
मंगलवार को केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज के परिसर समेत कोलकाता के पांच स्थानों पर ईडी ने छापेमारी की थी। जांच में पता चला कि केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज केयरवेल एविएशन नाम से एक कंपनी चलाती है। यह कंपनी प्राइवेट विमानों को किराये पर देती है। अब यह कंपनी टीएमसी के साथ अपने कथित लेन-देन के चलते ईडी के रडार पर है।
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ईडी का दावा है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच टीएमसी के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी के माध्यम से भेजे गए। इसमें से 112 करोड़ रुपये में एम्ब्रेयर लेगेसी 600 बिजनेस जेट और एक अगस्तावेस्टलैंड 109एसपी हेलीकॉप्टर खरीदा गया। बाद में इन विमानों को टीएमसी को किराये पर दिया गया।
क्या लोकसभा चुनाव से भी कनेक्शन?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान टीएमसी के चार्टर्ड विमानों पर खर्च धनराशि को कई संस्थानों के माध्यम से भेजा गया, ताकि स्रोत को छिपाया जा सके। ईडी के मुताबिक 440.42 करोड़ रुपये की धनराशि टीएमसी के तीन बैंक अकाउंट में जमा है। धनशोधन निवारण अधिनियम की धारा 17(1-ए) के तहत धनराशि को फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया है।
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कहां से प्रकाश में आया मामला?
बता दें कि इसी साल जून महीने में एक शिकायत में आरोप लगाया गया था कि साइबर धोखाधड़ी से हासिल एक बड़ी राशि को टीएमसी के कुछ बैंक खातों में भेजा गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। बाद में धन शोधन के तहत मामले में ईडी की एंट्री हुई। प्रवर्तन निदेशालय ने अनीता टूर्स, विंडबोर्न एविएशन और केयरवेल ट्रेवल्स समेत टीएमसी के 18 बैंक खातों की जांच शुरू की। अब इन कंपनियों के बीच हुए लेनदेन की जांच की जा रही है