चुनावी दंगल बना माघी मेला, अकाली ने किए वादे, AAP ने 1000 देने का समय बता दिया
पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेले में अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने शक्ति प्रदर्शन किया और कई घोषणाएं की। बीजेपी ने पहली बार माघी मेले में अपने दम पर सियासी कॉन्फ्रेंस की।

सुखबीर सिंह बादल और सीएम भगवंत मान, Photo Credit: PTI
हर साल की तरह इस साल भी पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेले का आयोजन किया गया। माघी मेला मुक्तसर युद्ध के 40 सिख योद्धाओं की याद में मनाया जाता है। हर साल इस 14 जनवरी को इस मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ राजनीतिक पार्टियों की कॉन्फ्रेंस भी होती है। पंजाब की राजनीति में इस दिन का खास महत्तव होता है और इस मेले में पंजाब की राजनीति की झलक मिलती है। इस साल शिरोमणि अकाली दल (शिअद), आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समेत कई स्थानीय राजनीतिक दलों ने भी इस मेले में सियासी कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस मेले को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों का ट्रेलर भी बताया जा रहा है।
इस मेले में हर साल की तरह इस साल भी शिरोमणि अकाली दल ने सियासी कॉन्फ्रेंस की। पार्टी लंबे समय से इस आयोजन की तैयारी कर रही थी। पार्टी प्रमुख सुखबीर बादल ने कार्यकर्ताओं से कहा था कि इस मेले से पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव का बिगुल फुंकने जा रहे हैं। अकाली दल ने इस मेले में कॉन्फ्रेंस कर शक्ति प्रदर्शन किया। पार्टी के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने मंच से विरोधी पार्टियों पर जमकर हमला किया।
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शिअद ने फुंका चुनाव का बिगुल
इस सम्मेलन में अकाली दल ने 2027 चुनावों को बिगुल फुंक दिया है। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने इस मंच का उपयोग अपने पारंपरिक सिख वोट बैंक को वापस पाने के लिए किया। उन्होंने आम आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। AAP पर उन्होंने सिखों की सर्वोच्च संस्थाओं को कमजोर करने और अकाली दल को बदनाम करने की गहरी सादिश रचने का आरोप लगाया है। AAP और कांग्रेस पर प्रोपोगेंडा फैलाकर अकाली दल को सिखों की नजरों में गिराने का आरोप लगाया।
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सुखबीर बादल ने हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को तोड़ने की कोशिशों पर भी चिंता जताई। इसके साथ ही राष्ट्रीय पार्टियों पर राज्य की पार्टियों को कमजोर करने का आरोप लगाया।
सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब पर कब्जे की बात कही और युवाओं से भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि जो भी पंजाब को बचाना चाहता है वह अकाली दल के झंडे को थाम ले। इसके साथ ही पार्टी से बाहर जा चुके नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि जिन्होंने भी गुस्से के कारण या किसी चिंता के कारण पार्टी को छोड़ दिया था, वह सभी अपनी मातृ पार्टी में वापस आ जाएं।
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चुनावों को लेकर की घोषणाएं
सुखबीर बादल ने मंच से 2027 चुनाव के लिए कई घोषणाएं और अपील भी की। उन्होंने कहा कि आप सब शपथ लें कि आप पंजाब को बचाने के लिए 2027 में अकाली दल की सरकार फिर से बनाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर पंजाब का पानी राजस्थान को देने का आरोप लगाया। सुखबीर बादल ने कहा, 'राजस्थान नहर कांग्रेस ने राजस्थान के लोगों को खुश करने के लिए बनवाई थी। अकाली दल की सरकार इसे रोकेगी, जिससे पंजाब का पानी राज्य में ही रहेगा।'
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इसके अलावा उन्होंने किसानों के लिए भी कई घोषणाएं की, जिन्में सिंचाई से जुड़ी घोषणाएं प्रमुख रहीं। उन्होंने कहा कि अकाली दल की सरकार बनते ही पहले 10 दिनों में ही पंजाब में जिसके पास ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं है उन्हें ट्यूबवेल कनेक्शन दिया जाएगा। इसके अलावा हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप दिए जाएंगे और सिंचाई की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही ट्रैक्टर पर रियायत देने की भी बात कही।
बीजेपी ने पहली बार दिखाया दम
भारतीय जनता पार्टी पंजाब की राजनीति में अब तक कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई। 2020 में किसान कानूनों के कारण बीजेपी का सबसे पुराना सहयोगी अकाली दल उनसे अलग हो गया था। इसके बाद 2022 विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव बीजेपी ने अकेले लड़ा था। इससे पहले बीजेपी अकाली दल के साथ ही माघी मेले में भी मंच शेयर करती थी लेकिन इस बार बीजेपी ने अपने दम पर माघी मेले में सियासी कॉन्फ्रेंस की।

बीजेपी के स्टेट यूनिट के नेताओं के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी और संगठन के नेता शामिल हुए। प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, अश्वनी शर्मा, केंद्रीय मंत्री रवनती सिंह बिट्टू, पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा उनकी पत्नी पूर्व सांसद परनीत कौर भी मौजूद रहे। इस सम्मेलन में बीजेपी ने आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी किन मुद्दों पर मैदान में लड़ेगी इसकी एक झलक दिखाई।
- किसानों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाया और MSP पर फसलें ना खरीदने के आरोप लगाए।
- पंजाब में आयुष्मान योजना लागू ना होने देने का आरोप लगाया।
- दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी पर विधानसभा में गुरुओं को अपमान करने का आरोप।
- कांग्रेस पर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
- पंजाब पर बढ़ते कर्ज का मुद्दा भी मंच से उठाया गया।
- पंजाब में खराब होती कानून-व्यवस्था को लेकर AAP सरकार को घेरा।
AAP ने गिनाई सफलताएं
AAP ने 2022 में पंजाब में बंपर जीत दर्ज की थी। इसके बाद अब पार्टी को करीब 4 साल सत्ता में हो गए हैं और अगले चुनावों से पहले यह आखिरी माघी मेले की कॉनफ्रेंस पार्टी ने आयोजित की, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे। इस कार्यक्रम में पंजाब के सीएम भगवंत मान के साथ-साथ दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और पार्टी के अन्य बड़े नेता शामिल हुए। मनीष सिसोदिया ने मंच से कहा कि चार साल पहले पंजाब की जनता ने भगवंत मान को मौका दिया था और आज भीड़ को देखकर लगता है कि अगला मौका भी भगवंत मान को ही देगी।
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सीएम भगवंत मान ने धार्मिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। इसके साथ ही मंच से अपनी सरकार की सफलताओं को गिनाया। उन्होंने कहा कि 63 हजार नौकरियां पंजाब सरकार ने दी हैं। हेल्थ सेक्टर में काम करने की बात कही और पंजाब पुलिस में 10,000 नए पद भरे जाने की बात भी मंच से कही। इसके साथ ही सीएम भगवंत मान ने आने वाले दिनों में 10 लाख तक हेल्थ इंश्योरेंस देने का वादा किया। अगले बजट सत्र में उन्होंने कहा कि पंजाब की महिलाओं को अगले बजट सत्र में 1,000 रुपये प्रति माह देने वाली योजना शुरू की जाएगी। AAP के कार्यक्रम में भारी भीड़ दिखाई दी। हालांकि, बीजेपी ने आरोप लगाया कि AAP ने सत्ता का दुरुपयोग करके भीड़ जुटाई और इसके लिए सरकारी संसाधनों का प्रयोग किया।
कांग्रेस ने नहीं की कॉन्फ्रेंस
पंजाब कांग्रेस ने इस मेले में अपनी कॉन्फ्रेंस नहीं की। पार्टी के अध्यक्ष राजा वड़िंग ने कहा कि अकाल तख्त के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पार्टी ने माघी मेले में कोई भी सियासी कॉन्फ्रेंस ना करने का फैसला लिया है। कांग्रेस ने 2017 के बाद से माघी मेले में कोई सियासी कॉन्फ्रेंस नहीं की है। पार्टी मनरेगा बचाओ रैलियों का आयोजन कर रही थी और अब सड़कों पर प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। वहीं, स्थानीय दलों ने भी माघी मेले में कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
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