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3 प्रदेशों की 12 सीटों पर राज्यसभा चुनाव, कहां सीधा मुकाबला, कहां फंसा पेच?

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की 12 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। ऐसे में कुछ सीटों में मुकाबला आसान लग रहा है, जबकि कुछ में हालात मुश्किल हैं।

Rajya Sabha election 2026

राज्यसभा, Photo Credit: PTI

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राज्यसभा की 12 सीटों के लिए चुनाव का एलान हो गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 10, उत्तराखंड की एक और पश्चिम बंगाल की एक सीट पर 16 अक्तूबर को मतदान होगा। इनमें यूपी और उत्तराखंड की 11 सीटों पर नियमित चुनाव होंगे, जबकि पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा।

 

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना होगी।

 

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उत्तर प्रदेश में क्या है तस्वीर?

मौजूदा विधानसभा संख्या के हिसाब से उत्तर प्रदेश में BJP नेतृत्व वाला NDA 7 सीटें जीतने की स्थिति में है, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) दो सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों का चुनाव सबसे ज्यादा चर्चा में है। 403 सदस्यीय विधानसभा में BJP के 256 और SP के 101 विधायक हैं। NDA के सहयोगी दलों के 40 विधायक और हैं। एक राज्यसभा सीट के लिए करीब 36 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। ऐसे में शुरुआती सीटों का गणित काफी हद तक साफ है लेकिन उम्मीदवारों के नाम और दूसरे दलों के रुख से अंतिम समीकरण बदल सकते हैं।

 

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों में फिलहाल 8 BJP, एक SP और एक BSP के पास है। इनमें नौ सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म होगा, जबकि एक सीट BJP सांसद दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद पहले ही खाली हो चुकी है। शर्मा को अंडमान और निकोबार का उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दिया था।

 

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मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर BJP नेतृत्व वाला NDA आठ सीटें जीतने की स्थिति में है। वहीं सपा के पास दो सीटें जीतने के लिए जरूरी संख्या है। इस वजह से मुख्य ध्यान बची सीटों के समीकरण और संभावित उम्मीदवारों पर रहेगा।

BSP के सामने सीट बचाने की चुनौती

चुनाव का एक बड़ा सवाल BSP की राज्यसभा मौजूदगी को लेकर है। पार्टी की मौजूदा विधानसभा ताकत ऐसी नहीं है कि वह अपने दम पर एक सीट जीत सके। BSP के राज्यसभा सांसद का कार्यकाल भी नवंबर में खत्म हो रहा है। UP से कार्यकाल पूरा करने वाले अन्य प्रमुख सदस्यों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, गीता, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा और SP के रामगोपाल यादव शामिल हैं।

 

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उत्तराखंड और बंगाल में क्या है तस्वीर?

उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर BJP सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। राज्य विधानसभा में BJP के पास बुहमत है, इसलिए मौजूदा संख्या के आधार पर इस सीट का समीकरण भी साफ है। पश्चिम बंगाल में एक खाली सीट पर उपचुनाव होगा। यह सीट तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। विधानसभा चुनाव 2026 के बाद बदले राजनीतिक समीकरण के बीच इस सीट के लिए भी मुकाबला अहम माना जा रहा है।


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