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गला खराब वाला ट्वीट, फिर राजनाथ के पैर छू लिए, शरद पवार के रास्ते पर सुप्रिया?

अपने पिता शरद पवार की तरह ही अब सुप्रिया सुले भी हर तरफ बढ़िया रिश्ते बनाकर चल रही हैं। राजनाथ सिंह के पैर छूने के बाद उनकी खूब चर्चा भी हो रही है।

sharad pawar and supriya sule

शरद पवार और सुप्रिया सुले, File Photo Credit: PTI

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शरद पवार ऐसी राजनीति के लिए मशहूर हैं कि किसी को उनके अगले कदम का अंदाजा भी न हो पाए। अब ऐसा लग रहा है कि उनकी बेटी सुप्रिया सुले भी उसी रास्ते पर चल पड़ी हैं। एक दिन पहले ही सुप्रिया सुले ने ट्वीट किया था कि उनके गले में दिक्कत है और उनकी थेरेपी होने वाली है। अगले ही दिन वह संसद में दिखाई दीं और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैर छूती दिखीं। इसे अब उन कयासों से जोड़कर देखा जा रहा है जिनमें कहा गया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) भी अब सत्ता पक्ष के साथ आ सकती है। यह वही पार्टी है जिसकी सांसद सुप्रिया सुले हैं और मुखिया उनके पिता शरद पवार हैं।

 

शरद पवार के बारे में अक्सर कहा जाता है कि वह कब, क्या और क्यों करते हैं, इसके बारे में वह खुद ही जानते हैं। याद हो कि अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस के साथ जाकर जब तड़के शपथ ले ली थी तब शरद पवार ने समर्थन देने से इनकार कर दिया था। इसके बारे में खुद अजित पवार ने कई बार कहा कि सब कुछ शरद पवार की मर्जी से हुआ था। इसी तरह 2014 के विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद शरद पवार ने बीजेपी की सरकार का बाहर से समर्थन करने का एलान कर दिया था।

 

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बाद में खुद शरद पवार ने ही बताया कि यह सिर्फ राजनीतिक चाल थी जिससे शिवसेना को बीजेपी और सत्ता से दूर रखा जा सके। शरद पवार इसमें तुरंत तो कामयाब नहीं हुए लेकिन 2019 में वह बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन तोड़ने में कामयाब हुए। उनकी ही अगुवाई में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने महा विकास अघाड़ी बनाई और महाराष्ट्र में एक अलग तरह का गठबंधन सरकार बनाने में भी कामयाब हुआ। अब ऐसा लग रहा है कि सुप्रिया सुले भी कुछ-कुछ ऐसा ही कर रही हैं।

18 जुलाई को सुप्रिया सुले ने क्या लिखा?

संसद सत्र शुरू होने से दो दिन पहले यानी 18 जुलाई खो सुप्रिया सुले ने X पर एक पोस्ट में लिखा, 'अपने गले और आवाज के संबंध में अभी मैं डॉक्टर मिलिंद कीर्तने से मिली। उन्होंने पाया है कि मेरे गले में थोड़ी सूजन है और उन्होंने मुझे वॉइस रेस्ट की सलाह दी है। मैं वॉइस थेरेपी करवाऊंगी। मुझे सलाह दी गई ङै कि अगले एक-दो हफ्तों तक भाषण, इंटरव्यू और लंबा बोलने से बचूं। समझने के लिए धन्यवाद।'

इससे पहले 17 जुलाई को सुप्रिया सुले जंत-मंतर पर जारी प्रदर्शन में भी हिस्सा लेने पहुंचीं थीं और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाई थी। रोचक बात है कि इस मंच से भी उन्होंने भाषण दिया और बोलने संबंधी कोई खास समस्या नहीं दिखी।

 

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19 जुलाई को क्या हुआ?

यह पोस्ट करने के अगले ही दिन सुप्रिया सुले दिल्ली में थीं। वह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुई सर्वदलीय मीटिंग में शामिल हुईं। इसी मीटिंग से पहले वह राजनाथ सिंह के पैर छूती भी दिखीं। इतना ही नहीं, इसके बाद वह बिजनेस अडवाइझरी कमेटी (BAC) की एक मीटिंग में भी शामिल हुईं।

 

जब सुप्रिया सुले ने ट्वीट किया कि वह अगले एक-दो हफ्ते कम बाथचीत करेंगी तो उसी के बाद उन्होंने मुंबई में मीडिया से बातचीत की। इतना ही नहीं, इस बातचीत में वह खूब बोलती नजर आईं और सवालों के जवाब भी देती नजर आईं।

20 जुलाई को कहां हैं सुप्रिया सुले?

20 जुलाई को संसद सत्र की शुरुआत वाले दिन भी सुप्रिया सुले दिल्ली में हैं। वह विपक्षी दलों की मीटिंग में शामिल हुईं। इस मीटिंग में राहुल गांधी , मल्लिकार्जुन खड़गे समेत तमाम विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।  

शरद पवार के रास्ते पर सुप्रिया सुले? 

दरअसल, इन दिनों जबरदस्त चर्चा है कि शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी का धड़ा सत्ता पक्ष यानी नेशनल डेमोक्रैटिक अलायंस (NDA) के साथ जाने की तैयारी में है। चर्चा है कि बीजेपी ने प्रस्ताव रखा है कि पहले दोनों धड़े आपस में विलय कर लें तभी इस पर बात हो सकती है। बीते कुछ दिनों में एनसीपी के दोनों धड़ों के कई नेता महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात भी कर चुके हैं। कहा जा रहा है कि अपनी पार्टी में एक और टूट से बचाने के लिए शरद पवार और सुप्रिया सुले ऐसा दांव खेल रहे हैं जिससे कोई समझ नहीं पा रहा है।

 

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एक तरफ सुप्रिया सुले विपक्षी नेता के तौर पर सक्रिय हैं। दूसरी तरफ, परिसीमन बिल पर उनका कहना है कि अभी तो बिल आया ही नहीं है और आएगा तो देखेंगे। तीसरी तरफ एनसीपी में टूट की चर्चा है और पार्टी का मुख्य ध्यान इसी पर है कि पार्टी की टूट को रोका जा सके। इस पर सुप्रिया सुले ने कहा था कि शरद पवार ऐसे नेता हैं, जो सबकी सुनते हैं। यह संकेत दे रहा है कि अब सुप्रिया सुले भी अपने पिता की तरह ही वही काम कर रही हैं और असल में वह क्या करने वाली हैं उसका अंदाजा किसी को भी नहीं लगने दे रही हैं।   


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