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500 दिन, 234 सीटें और 'एकला चलो', आखिर BJP से चाहते क्या हैं अन्नामलाई?

तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष रहे अन्नामलाई के बारे में चर्चा है कि वह बीजेपी छोड़ सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि वह बीजेपी से क्या चाहते हैं और नाराज क्यों हैं?

amit shah and annamalai

अमित शाह से मिले अन्नामलाई, File Photo Credit: PTI

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पूर्व IPS अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता के अन्नामलाई इन दिनों जबरदस्त चर्चा में है। चर्चा है कि वह बीजेपी छोड़कर अपनी पार्टी बना सकते हैं। मंगलवार को वह इस्तीफा देने के लिए ही बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और फिर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले। अमित शाह से हुई मुलाकात के बाद फिलहाल अन्नामलाई के कदम रुक गए हैं। कहा जा रहा है कि अन्नामलाई जो चाहते हैं, उसी को लेकर बीजेपी में चर्चा चल रही है और अगर पार्टी राजी हो जाती है तो अन्नामलाई को रोका जा सकता है। तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIDMK) दोनों का विरोध करते रहे अन्नामलाई सभी सीटों पर अकेले उतरना चाहते हैं।

 

4 जून को अन्नामलाई का जन्मदिन है और इस बात की जबरदस्त चर्चा है कि वह इसी दिन बड़ा फैसला ले सकते हैं। हालांकि, अमित शाह से उनकी मुलाकात के बाद एक बदलाव देखने को मिला है। तमिलनाडु में पहले जहां पोस्टर लगाकर अन्नामलाई को बीजेपी से अलग दिखाया जा रहा था। अब वैसे ही पोस्टरों में सफाई दी जाने लगी है। इसी के बाद सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि अन्नामलाई बीजेपी में ही रुक सकते हैं और अपने मन मुताबिक काम करने की शर्त भी मनवा सकते हैं।

 

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क्या चाहते हैं अन्नामलाई?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु में जोसेफ विजय की जीत के बाद अन्नामलाई बीजेपी नेतृत्व को अपना ही प्लान याद दिला रहे हैं। रोचक बात है कि AIADMK से गठबंधन करने के चक्कर में ही बीजेपी ने मजबूरन अन्नामलाई को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया था। बीजेपी किसी भी सूरत में AIADMK के साथ गठबंधन चाहती थी। वहीं, अन्नामलाई तमिलनाडु में बीजेपी के पैर जमाने के लिए बार-बार कहते थे कि पार्टी को अकेले चलना चाहिए। बीजेपी के उलट विजय की तमिलागा वेट्री कड़गम (TVK) ने यही किया और सरकार बना ली।

 

इसी को लेकर अन्नामलाई का एक पुराना वीडियो फिर से चर्चा में है। साल 2024 के इस वीडियो में अन्नामलाई कहते हैं, '2024 से 2026 के बीच दो चीजें होंगी। 2026 में कोई भी पार्टी अकेले बहुमत लाकर सरकार नहीं बना पाएगी। तमिलनाडु में यह देखा जाएगा कि एक नया गठबंधन पहली बार अपनी सरकार बनाएगा। अगर बीजेपी जैसी पार्टी 2024 से 2026 के बीच प्रोफेशनल तरीके से काम करे, कड़ी मेहनत की जाए और सभी 234 सीटों के लिए जमीनी नेता तैयार करने के लिए काम किया जाए और कम से कम 500 दिन पहले ये उम्मीदवार जनता के सामने पेश किए जाएं तो उसकी जीत के चांस ज्यादा हैं।'

 

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अन्नामलाई की यह भविष्यवाणी सौ फीसदी सच साबित हुई। 2026 के चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत भी नहीं मिला और एक नए तरह के गठबंधन ने सरकार बना ली। अपने पुराने वीडियो में अन्नामलाई ने कहा था, 'राष्ट्रीय पार्टियों की अपनी अलग समस्या होती है। बीजेपी की भी है। बीजेपी काडर आधारित पार्टी है। तमिलनाडु की राजनीति थोड़ी अलग है। बीजेपी को रिस्क लेना होगा और हमें 500 दिन पहले उम्मीदवार उतारने होंगे तो वह चुनाव हमारा होगा। हर किसी को साहस दिखाना होगा। जब पार्टी तैयार होगी, काडर तैयार होगा तो हम जीतेंगे।'

तमिलनाडु में BJP को मजबूत कर रहे थे अन्नामलाई

तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष के रूप में अन्नामलाई कुछ हद तक सफल भी रहे थे। उन्हीं की अगुवाई में पहली बार बीजेपी तमिलनाडु में भी मजबूत होती दिख रही थी। 2024 के लोकसभा चुनाव के समय अन्नामलाई तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष थे। तब बीजेपी ने AIADMK से गठबंधन नहीं किया था। पत्ताली मक्कल काची, AMMK और राष्ट्रीय समाज पक्ष के साथ उतरी बीजेपी को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी लेकिन उसके वोट प्रतिशत में जबरदस्त इजाफा हुआ था। 2024 के लोकसभा चुनाव में 23 लोकसभा सीटों पर लड़ी बीजेपी को कांग्रेस से भी ज्यादा यानी 11.4 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि 9 सीटों पर लड़ी 10.8 प्रतिशत वोट मिले थे। तब खुद अन्नामलाई कोयंबटूर सीट से चुनाव लड़े थे और 4.5 लाख वोट पाकर दूसरे नंबर पर थे।

 

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AIADMK से गठबंधन के समय ही अन्नामलाई को अध्यक्ष पद से हटाया गया था और उनकी जगह पर नयनार नागेंद्रन को पद मिला। एक और रोचक बात है कि अन्नामलाई पूर्व में डीएमके के साथ-साथ एआईएडीएमके को भी जमकर कोसते रहे थे। संभवत: इसी वजह से उनके रहते गठबंधन की बात संभव नहीं हो पा रही थी। अब AIADMK गठबंधन में बीजेपी को विधानसभा की कुल 27 सीटें मिलीं। 27 में से सिर्फ 1 सीट पर बीजेपी को जीत मिली जबकि 18 सीटों पर लड़ी पीएमके ने 4 सीटें जीत मिली। बीजेपी का वोट प्रतिशत इस बार सिर्फ 2.97 प्रतिशत है।

 

 

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