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दुर्गा के 10 हाथों में चक्र से लेकर धनुष-बाण तक, किन देवताओं ने दिए हैं?

शारदीय नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की दस हाथों वाली प्रतिमा की कई जगह पूजा-पाठ होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा के हाथों में मौजूद अस्त्र कई देवताओं से मिले हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- AI Generated

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शारदीय नवरात्र के दौरान अक्सर मां दुर्गा की 10 हाथों वाली प्रतिमा देखने को मिलती है। मां दुर्गा के दसों हाथों में अलग-अलग अस्त्र देखने को मिलते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा की यह प्रतिमा शक्ति और अधर्म के खिलाफ युद्ध करने वाली देवी का प्रतीक है। इसके साथ ही कई धार्मिक जानकारों का मानना है कि मां दुर्गा को सभी अस्त्र विष्णु, शिव, इंद्र और वरुण समेत कई देवताओं ने दिए थे, ताकि मां दुर्गा अधर्मियों के खिलाफ युद्ध लड़ सकें।

 

इस साल 11 अक्टूबर से लेकर 19 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्र का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाएगी। धार्मिक ग्रंथ दुर्गा सप्तशती में मां दुर्गा की 10 भुजाओं के बारे में बताया गया है। इस ग्रंथ के अनुसार, जब मां महिषासुरमर्दिनी अत्याचारी महिषासुर का वध कर रही थीं, तब देवताओं ने उन्हें अस्त्रों के जरिए शक्तियां दीं, ताकि वह आसानी से महिषासुर का विनाश कर सकें।

 

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किन-किन देवताओं ने दिए अस्त्र?

मां दुर्गा की प्रतिमा में कई अस्त्र देखने को मिलते हैं, जिनमें मुख्य तौर पर त्रिशूल, तलवार, चक्र, शंख, धनुष-बाण, पाश, कमल और वज्र जैसे अस्त्र शामिल हैं। अब सवाल उठता है कि ये अस्त्र किन-किन देवताओं ने मां दुर्गा को दिए थे। आइए जानते हैं।

 

धनुष और बाण- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह अस्त्र वायु के देवता से संबंधित है, जिसे इंद्र देव ने मां दुर्गा को दिया था। यह अस्त्र तेज रफ्तार और एकाग्रता का प्रतीक माना जाता है।

तलवार- यह अस्त्र युद्ध के दौरान मां दुर्गा के लिए बेहद अहम था। माना जाता है कि यह अस्त्र काल देव ने मां दुर्गा को दिया था। तलवार को अधर्म को काटने वाले हथियार का प्रतीक माना जाता है।

 

त्रिशूल- इसे भगवान शिव का अस्त्र माना जाता है। यह सृष्टि के तीन मुख्य गुणों का प्रतीक माना जाता है।

 

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शंख- यह अस्त्र मां दुर्गा को इंद्र और वरुण देव ने दिया था। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शंख सकारात्मक ध्वनि और शुभता का प्रतीक है।

 

चक्र- दुर्गा सप्तशती में बताया गया है कि चक्र भगवान विष्णु का अस्त्र है, जिसे उन्होंने ही मां दुर्गा को दिया था। चक्र को अधर्म और बुराई का विनाश करने वाले अस्त्र के रूप में माना जाता है।

 

वज्र- धार्मिक जानकारों के अनुसार, वज्र मुख्य रूप से इंद्र देव का अस्त्र है। इसे दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है। वज्र इंद्र देव ने मां दुर्गा को दिया था।

 

भाला- अग्निदेव ने मां दुर्गा को भाला दिया था, जिसे शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

 

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परशु- धार्मिक जानकारों के अनुसार, परशु मुख्य रूप से भगवान विश्वकर्मा का अस्त्र है। उन्होंने युद्ध लड़ने के लिए मां दुर्गा को यह अस्त्र दिया था।

 

कमल- मां दुर्गा के एक हाथ में कमल भी होता है, जिसे सरोवरों ने माता के सामने अर्पित किया था।

 

कालदंड- यह एक ऐसा अस्त्र है, जो किसी की मृत्यु को भी अपने वश में कर सकता है। मां दुर्गा को कालदंड यमराज ने दिया था।

 

स्फटिक माला- धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह माला शांति का प्रतीक है, जिसे ब्रह्मा जी के पुत्र दक्ष ने मां दुर्गा को दिया था।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

 

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