logo

मूड

ट्रेंडिंग:

माता मनसा देवी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, 5 लाख ने किए दर्शन

मनसा देवी मंदिर में हर रोज 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे हैं। अष्टमी के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा रही।

Devotees bowed their heads at Mata Mansa Devi Temple

माता मनसा देवी मंदिर में माथा टेकते मंत्री अनिल विज। Photo Credit - Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

अश्विन नवरात्र के चलते अष्टमी के दिन भी पंचकूला स्थित शक्ति पीठ माता मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। नवरात्र के पहले दिन से सोमवार को अष्टमी तक यहां करीब 5 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मंदिर में दूर-दराज से हर रोज 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु यहां दर्शन को पहुंच रहे हैं।

 

नवरात्र के पहले दिन से अब तक सीएम नायब सैनी और इसके बाद मंत्री अनिल विज, विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण समेत तमाम बड़े नेता व अधिकारी यहां माथा टेक चुके हैं। मंदिर में नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि उत्सव पर वर्ष में दो बार लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। चैत्र और अश्विन महीनों में मंदिर परिसर में शारदीय नवरात्रि मेला आयोजित किया जाता है। जिला प्रशासन की तरफ से यहां सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

 

यह भी पढ़ें: हरियाणा में मौसम का बदला मिजाज, दिन में गर्मी तो रात में ठंडक

तीन पवित्र पिंडियां सुशोभित

मुख्य मंदिर का निर्माण 1811 से 1815 के बीच मनीमाजरा रियासत के महाराजा गोपाल सिंह ने अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद करवाया था। मान्यता है कि यहाँ माता सती का मस्तक (सिर) गिरा था। मंदिर के गर्भ गृह में माता की मुख्य मूर्ति के सामने तीन पवित्र पिंडियां सुशोभित हैं, जिन्हें माता लक्ष्मी, मनसा देवी और सरस्वती देवी का स्वरूप माना जाता है।

 

यह भी पढ़ें: पंजाब पहुंचे हरियाणा सीएम, वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम में हिस्सा लिया

हर रोज लाखों रुपये चढ़ावा

माता मनसा देवी मंदिर, श्री काली माता मंदिर कालका व चंडी माता मंदिर में श्रद्धालु हर रोज लाखों रुपये चढ़ावा दान कर रहे हैं। माता मनसा देवी मंदिर, श्री काली माता मंदिर कालका व चंडी माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने रविवार को कुल 35 लाख 38 हजार 549 रुपए की राशि दान स्वरूप अर्पित की। तीनों मंदिरों में हर रोज हजारों की तादाद में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंच रहे हैं।


और पढ़ें