पंजाब चुनाव की तारीख नजदीक आते आते राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधियां भी तेज कर दी हैं। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी भी लगातार पंजाब दौरे पर चल रहे हैं। इसी कड़ी में सीएम नायब सैनी एक बार फिर पंजाब के दौरे पर हैं। रविवार को जालंधर में होने वाले वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम में सीएम नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
हालांकि इसको लेकर एक सप्ताह पहले ही कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। जिसके चलते 18 अक्टूबर यानी रविवार को जालंधर से अमृतसर के श्री रामतीर्थ तक विशाल तीर्थयात्रा निकाली गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने की। वाल्मीकि जयंती 26 अक्टूबर को है, लेकिन राज्य में करीब एक हफ्ते पहले से ही कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। भगवान वाल्मीकि उत्सव कमेटी की तरफ से इसको लेकर शांति नगर स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम में 15 अक्टूबर से उत्सव शुरू हो चुके हैं।
सीएम नायब सैनी ने रविवार को यहां आश्रम में पहुंचकर माथा टेका और पैदल मार्च में शामिल होकर तीर्थयात्रा की बसों को हरी झंडी दिखाई। कमेटी पदाधिकारियों के मुताबिक यात्रा में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से करीब 1 हजार बसें शामिल हुई, जिनसे करीब 50 हजार श्रद्धालु यात्रा में पहुंचे।
यह भी पढ़ें: करनाल में श्रीनगर जा रही बस पर पथराव, उमर अब्दुल्ला ने मांगा इंसाफ
चुनाव से पहले बड़ा धार्मिक कार्यक्रम
पंजाब में दलित समुदाय की आबादी करीब 32% है। इसमें वाल्मीकि समुदाय की बड़ी हिस्सेदारी है। इसलिए राज्य में वाल्मीकि जयंती बड़े उत्सव के रूप में मनाई जाती है। चुनाव से पहले वाल्मीकि समुदाय का ये बड़ा धार्मिक कार्यक्रम होगा। जिसका फायदा बीजेपी चुनाव में उठाना चाहती है।
यह भी पढ़ें: हरियाणा: बिना नंबर प्लेट पेट्रोल पंप पर नो एंट्री, अंडरएज ड्राइविंग पर भी शिकंजा
विपक्षी दलों पर निगाह
पंजाब में बीजेपी लगातार कार्यक्रम कर रही है। जिनमें हरियाणा के नेता भी शामिल हो रहे हैं। ऐसे में पंजाब चुनाव से पहले वहां अपनी पृष्ठभूमि को मजबूत करने में बीजेपी पूरी जद्दोजहद से लगी है। विपक्षी दलों पर भी बीजेपी पूरी तरह नजए बनाए हुए है। हरियाणा के साथ पंजाब में भी अपनी सरकार लाने के लिए लगातार विपक्षी दलों की कमियों को उजागर किया जा रहा है। ताजा मामला पंजाब में नशे के कारण हुई मौतो को लेकर है।
यह भी पढ़ें: भगवंत मान के फ्रांस दौरे को हाइ कोर्ट से मंजूरी, केंद्र सरकार ने जताई है आपत्ति
नशे को लेकर राजनीति
पंजाब में नशे को लेकर हो रही हत्याओं व आत्महत्याओं पर बीजेपी ने पंजाब सरकार को पूरी तरह विफल करार दिया है। सीएम नायब सैनी एक बयान में कह चुके हैं कि अगर 4 साल बाद भी पंजाब के हर गांव तक नशा पहुंच रहा है तो सरकार को जवाब देना चाहिए कि वादे कब पूरे होंगे।
हालांकि, पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने भी कुछ दिन पहले फिल्लौर में पंजाब पुलिस अकादमी की समीक्षा बैठक में केंद्र और हरियाणा सरकार को नशे का अड्डा बताया था। सीएम मान ने कहा था कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में धड़ल्ले से नशा बिक रहा है, लेकिन बदनाम पंजाब को किया जा रहा है।
अमित शाह 20 को पंजाब दौरे पर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी 20 अक्टूबर को पंजाब के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात करेंगे। मानसा के अलावा उनके गुरदासपुर और संगरूर जाने की भी संभावना है, जहां वे अन्य प्रभावित परिवारों से मिल सकते हैं।
बता दें कि पंजाब के संगरूर में नशे को लेकर गुलजार सिंह की आत्महत्या, मानसा में परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या और गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह की हत्या मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।