logo

मूड

ट्रेंडिंग:

अयोध्या जेल की दीवार फांदकर भागा था शेरू, 9 महीने बाद STF ने दबोचा

UP अयोध्या जिला जेल से 9 माह पहले फरार हुए शातिर कैदी को एसटीएफ ने दिल्ली से दबोच लिया। टीम अब उसके साथ भागे दूसरे कैदी की तलाश में जुट गई।

AI generated photo

प्रतीकात्मक फोटो, AI इमेज। Photo Credit : Chat GPT

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

 उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देकर फरार हुए कैदी शेर अली उर्फ शेरू को यूपी एसटीएफ ने करीब 9 महीने बाद दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के प्रयास के मामले में जेल में बंद शेरू अपने साथी गोलू अग्रहरि के साथ 28 जनवरी 2026 की रात जेल की विशेष सुरक्षा बैरक से फरार हो गया था। दोनों कैदियों के फरार होने की घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। अब लंबे समय से तलाश कर रही एसटीएफ को शेरू को पकड़ने में सफलता मिली है। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर अयोध्या लाया गया और जिला जेल में दाखिल करा दिया गया है। वहीं, उसके साथ फरार हुए दूसरे कैदी गोलू अग्रहरि की तलाश अभी जारी है।

अयोध्या जिला जेल से कैदियों के फरार होने की घटना 28 जनवरी 2026 की रात हुई थी। सुल्तानपुर जिले का निवासी शेर अली उर्फ शेरू हत्या के प्रयास के मामले में जेल में बंद था। उसके साथ अमेठी जिले के मुसाफिरखाना क्षेत्र का निवासी गोलू अग्रहरि भी बंद था। दोनों कैदी जेल की विशेष सुरक्षा बैरक से निकलकर फरार हो गए थे।घटना का पता अगले दिन सुबह नियमित गिनती के दौरान चला। कैदियों की संख्या का मिलान करने पर दोनों के गायब होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। फरार कैदियों की तलाश के लिए अभियान चलाया गया, लेकिन शेरू को पकड़ने में करीब नौ महीने लग गए।

 

यह भी पढ़ें: गाजियाबाद में एनकाउंटर में ढेर हुआ एक लाख का इनामी टिड्डी, 3 पुलिसकर्मी घायल

दीवार से ईंटें निकालकर बनाया था भागने का रास्ता

जेल से फरार होने के मामले की शुरुआती जांच में सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने का तरीका सामने आया था। जांच के अनुसार, दोनों कैदियों ने अपनी कोठरी की पिछली दीवार में लगे जंगले के आसपास से ईंटें निकालकर रास्ता बनाया था। इसके बाद कपड़ों और कंबलों को आपस में जोड़कर रस्सी तैयार की और जेल की ऊंची चारदीवारी पार कर फरार हो गए।
इस घटना में जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे थे। जांच में सामने आया था कि जेल की बाहरी दीवार पर निगरानी रखने वाले चार सीसीटीवी कैमरे घटना के दौरान करीब 16 घंटे तक बंद थे। सुरक्षा व्यवस्था में इस चूक को गंभीर लापरवाही के तौर पर देखा गया था।

 15 अधिकारियों-कर्मचारियों पर हुई थी कार्रवाई

दो कैदियों के जेल से फरार होने के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। मामले की जांच के बाद जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की गई थी। बाद की रिपोर्टों में कार्रवाई के दायरे में कुल 15 अधिकारियों और कर्मचारियों के आने का उल्लेख किया गया था।जेल की सुरक्षा व्यवस्था में चूक, सीसीटीवी कैमरों के बंद रहने और कैदियों के फरार होने की परिस्थितियों की जांच के बाद यह मामला काफी गंभीर माना गया था।

 

यह भी पढ़ें: शादी दूसरी जगह तय हुई तो प्रेमी ने प्रेमिका को गला रेतकर मार डाला

अब गोलू अग्रहरि की गिरफ्तारी का इंतजार

शेरू की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर उसके साथी गोलू अग्रहरि पर है। गोलू अमेठी जिले के मुसाफिरखाना क्षेत्र का निवासी है। दोनों के फरार होने के बाद से ही उनकी तलाश की जा रही थी, लेकिन अब तक गोलू पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।करीब नौ महीने बाद शेरू की गिरफ्तारी को फरार कैदियों की तलाश के अभियान में अहम सफलता माना जा रहा है। अब चुनौती दूसरे फरार कैदी गोलू अग्रहरि को पकड़ने की है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही दोनों कैदियों के फरार होने के मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

Related Topic:#UP News#Crime News

और पढ़ें