पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार और हत्या के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है। पुलिस क्राइम सीन दोहराने के लिए उसे घटनास्थल पर ले गई, वहीं उसने पुलिसकर्मियों से हथियार छीनकर हमला करने की कोशिश की। पुलिस ने अपने बचाव में उस पर जवाबी कार्रवाई की और वह मारा गया। स्थानीय लोग, 4 आरोपियों के एनकाउंट की मांग कर रहे थे।
बारुईपुर केस को लेकर शुभेंदु अधिकारी सरकार पर विपक्ष सवाल उठा रहा था। लोग पुलिस से सख्त कर्रवाई की मांग कर रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री
ममता बनर्जी
को हाउस अरेस्ट तक पुलिस ने कर दिया था। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को बारुईपुर पहुंचे। उन्होंने 11 साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या के मामले की जांच तेज करने के आदेश दिए थे।
यह भी पढ़ें: 'कितने में बिक गईं? गद्दार-चोर...' बारुईपुर पहुंचीं सायोनी घोष का हुआ विरोध
आरोपी प्रभास एनकाउंटर में ढेर
प्रभास मंडल ने पुलिस पर हमला किया। पुलिस का कहना है कि उनकी जान पर बन आई, हथियार छीनकर उसने हमले भी किया, जिसके जवाब में पुलिसकर्मियों ने भी फायरिंग की। प्रभास मंडल, जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया। प्रभास मंडल को अस्पताल ले जाते वक्त उसे अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उससे पहले शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस अधिकारियों से कहा था कि 72 घंटे के अदंर सभी जरूरी रिपोर्ट सौंप दी जाए।
शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल:-
बच्ची शनिवार को लापता हुई थी। रात 11:50 बजे डायरी दर्ज हुई। मैंने पुलिस की प्रारंभिक जांच देखी है। डीजीपी को पूरी डिटेल रिपोर्ट भेजने को कहा है। एक प्रतिशत भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा क्या था?
मुख्यमंत्री ने बच्ची के परिवार और भीड़ के हमले में मारे गए युवक इंद्रनील मंडल के परिवार से भी मुलाकात की। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इंद्रनील निर्दोष था। सीएम ने कहा कि लिंचिंग करने वालों पर हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने रविवार की हिंसा और आगजनी के पीछे साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'कुछ राजनीतिक लोग, चुनाव में हारे हुए और कुछ खास तत्वों ने लोगों को उकसाया। राष्ट्र-विरोधी और उग्रपंथी तत्व भी इसमें शामिल हैं। पुलिस ने 200 ऐसे लोगों की पहचान की है जिन्होंने फोन कॉल्स और राजनीतिक पूर्वाग्रह से हिंसा भड़काई। उन सबके खिलाफ कार्रवाई होगी।'
यह भी पढ़ें: बारुईपुर रेप-मर्डर: प्राइवेट पार्ट में चोट, शरीर पर दातों के निशान का खुलासा
क्या है बारुईपुर रेप केस?
बारुईपुर में बच्ची शनिवार दोपहर से लापता थी। रविवार सुबह उसकी लाश तालाब में मिली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह साबित हुआ है कि उसके साथ बलात्कार हुआ है। वह जिंदा थी, उसे डुबो-डुबोकर पानी में मार दिया गया। पीड़िता के शरीर पर दांतों से जख्म के कई निशान मिले थे। घरवालों ने भी कहा था कि उसकी बलात्कार के बाद हत्या की गई है।
किन पर है बलात्कार का आरोप?
पुलिस ने इस केस में 3 आरोपियों पर बलात्कार का आरोप लगाया था। आनंद सरदार, प्रभास मंडल और दिबाकर सरदार। तीनों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रभास मंडल मारा जा चुके है। चौथे आरोपी की तलाश जारी है।
शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल:-
एक हफ्ते बाद मैं फिर आऊंगा और जो करना है करूंगा।
क्या चाहता है परिवार?
बच्ची के परिवार ने इलाके में पुलिस चौकी बनाने की मांग की है, जिस पर सीएम ने डीजीपी को तुरंत जगह देखकर चौकी बनाने का निर्देश दिया है। बारुईपुर इलाके में तीसरे दिन भी तनाव बना हुआ है। विपक्ष सरकार पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है।