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अंबाला के शहीदी स्मारक की खासियत क्या है, कब होगा उद्घाटन?

पहले चर्चा थी कि एक नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा आएंगे और वह अंबाला छावनी में बने इस शहीद स्मारक का उद्घाटन करेंगे। अब अमित शाह के दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।

Martyrs Memorial inaugurated in Ambala

शहीदी स्मारक का दृश्य। (Photo Credit - Social Media)

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अंबाला में 800 करोड़ रुपए की लागत से बने आजादी की पहली लड़ाई के शहीदी स्मारक का 5 नवंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह उद्घाटन कर सकते हैं। इससे पहले इसके उद्घाटन को लेकर कहा जा रहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नवंबर को हरियाणा आएंगे तो वह उद्घाटन करेंगे। फिलहाल इसे लेकर अभी कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों से जानकारी मिली है कि 1857 की क्रांति के शहीदों की स्मृति में निर्मित भव्य शहीद स्मारक के उद्घाटन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।


केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 5 नवंबर को करनाल आ रहे हैं। सुबह 10 बजे वह 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा में शामिल होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता इस संबंध में पार्टी कार्यकतार्ओं के साथ बैठक कर चुकी हैं। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' भाजपा का जनसंपर्क अभियान है, जो हरियाणा में 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चल रहा है। बताया जा रहा है कि इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अंबाला भी आएंगे और लंबे समय से अटके शहीद स्मारक के उद्घाटन का कार्य पूरा करेंगे।

 

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कौन करेगा उद्घाटन?

बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें हरियाणा आने का निमंत्रण दे चुके हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री अनिल विज भी बयान दे चुके हैं कि शहीद स्मारक का प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे। इसके बाद चर्चा थी कि एक नवंबर को प्रधानमंत्री हरियाणा आएंगे और हरियाणा दिवस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। अब सभी को अधिकारिक पुष्टी का इंतजार है कि शहीद स्मारक का उद्घाटन कब होगा और कौन करेगा।

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क्या है स्मारक की खासियत?

अंबाला छावनी में जीटी रोड पर करीब 22 एकड़ में बने इस स्मारक का निर्माण स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के बलिदान और उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से किया गया है। कैबिनेट मंत्री अनिल विज बयान देकर कह चुके हैं कि 1857 में आजादी की लड़ाई की शुरूआत अंबला छावनी से हुई थी, यानि मेरठ से 9 घंटे पहले यहां सशस्त्र संघर्ष शुरू हो चुका था।

1857 के शहीदों को श्रद्धासुमन भेंट करने के लिए शहीदों की याद में 800 करोड़ रुपए की लागत से शहीदी स्मारक बनकर तैयार हो चुका है। स्मारक में 21 गैलरियां बनाई गई हैं। देश में जहां-जहां 1857 में संघर्ष हुआ, वह बेहद आकर्षक तरीके से यहां प्रदर्शित किया जाएगा। इसी के साथ साइंस म्यूजियम भी बन रहा है।


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